
ईरानी नेता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोट- IANS)
ईरान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ी चोट देने की तैयारी में जुटा है। फारसी खाड़ी में अमेरिकी सहयोगियों ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि ईरान की कुछ मिसाइल क्षमताएं पश्चिम एशिया में अमेरिकी हितों के लिए बड़ा खतरा हैं।
इस मामले से परिचित दो पश्चिमी अधिकारियों ने कहा कि फारसी खाड़ी के सहयोगियों ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि तेहरान के पास अभी भी प्रमुख सैन्य क्षमताएं हैं, जो पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सैनिकों को निशाना बनाकर बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि फारसी खाड़ी में एक अमेरिकी सहयोगी द्वारा किए गए हालिया आकलन में पाया गया कि पिछले जून में इजराइल के साथ 12-दिवसीय युद्ध के दौरान ईरान की मिसाइल को हुए नुकसानों के बावजूद, उनका कार्यक्रम रुका नहीं हैं। ईरान ने कुछ क्षमताओं को पहले ही बहाल कर दिया गया है, जो पूरे क्षेत्र में लगातार कमजोरियों को उजागर करता है।
आकलन के अनुसार, ईरान के पास अभी भी कम दूरी की मिसाइलें, लॉन्चर और अपने मिसाइल उत्पादन बुनियादी ढांचे के हिस्से हैं, जो फारसी खाड़ी में एक दर्जन से अधिक अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक पहुंचने में सक्षम हैं, जहां हजारों अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
इन निष्कर्षों ने वाशिंगटन में इस चिंता को और बढ़ा दिया है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो ईरान अभी भी प्रभावी जवाबी हमले कर सकता है।
पिछले महीने, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब दोनों ने वाशिंगटन को सूचित किया कि अमेरिकी सेना को ईरान के खिलाफ अभियानों के लिए उनके क्षेत्र या हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पूर्व ईरानी राजनयिक आमिर मौसवी, जो अब इराक में रहते हैं। ईरान की तैयारियों के बारे में और जानकारी देते हुए बताया कि तेहरान ने इजराइल के साथ संघर्ष के बाद से मिसाइल उत्पादन बढ़ा दिया है और कई क्षतिग्रस्त लॉन्च सिस्टम की मरम्मत की है।
उन्होंने कहा कि कुछ लॉन्चरों को पहाड़ी इलाकों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे उन्हें निष्क्रिय करने के प्रयास जटिल हो गए हैं। मौसवी ने कहा- ईरान में हजारों मीटर ऊंचे पहाड़ हैं। इन क्षमताओं तक पहुंचना और उन्हें आसानी से नुकसान पहुंचाना संभव नहीं है।
उधर पूर्व पेंटागन अधिकारी डेविड डेस रोचेस ने कहा कि ईरान के पास पश्चिम एशिया में सबसे बड़ा मिसाइल भंडार है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास फारसी खाड़ी के सहयोगी देशों (GCC देशों) के कुल मिलाकर जितने इंटरसेप्टर मिसाइल हैं, उससे कहीं ज्यादा मिसाइलें हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र की वायु रक्षा प्रणालियां पूरी तरह से आपस में जुड़ी हुई नहीं हैं।
ये ज्यादातर कुछ खास और सीमित जगहों के आसपास ही केंद्रित हैं। इस वजह से अगर कोई बड़े पैमाने पर एक साथ मिसाइल हमला करे, तो इन रक्षा प्रणालियों को रोक पाना बहुत मुश्किल हो जाता है।
जैसे-जैसे वॉशिंगटन इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है, ईरान की मिलिट्री स्थिति ने अमेरिका की प्लानिंग को काफी हद तक प्रभावित किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के अंदर हाल ही में हुए आर्थिक विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई की धमकी दी थी।
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने का आग्रह किया और दावा किया कि मदद रास्ते में है, लेकिन बाद में उन्होंने अपना रुख बदलते हुए तेहरान से बातचीत पर लौटने और परमाणु समझौता करने का आह्वान किया।
इन घटनाक्रमों के बीच, इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई ने पहले चेतावनी दी थी कि अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किया गया कोई भी युद्ध अनिवार्य रूप से एक क्षेत्रीय संघर्ष में बदल जाएगा।
Updated on:
02 Feb 2026 12:13 pm
Published on:
02 Feb 2026 12:11 pm

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