
Donald Trump (Photo - Washington Post)
ईरान (Iran) के खिलाफ अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) के हमले जारी हैं। ईरान भी इस युद्ध में झुक नहीं रहा और जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले कर रहा है। युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में हालात काफी गंभीर हैं। आज इस युद्ध का 15वां दिन है और इसकी वजह से अब तक जान-माल का भारी नुकसान हो चुका है। दुनियाभर में इस युद्ध की वजह से तेल-गैस का संकट भी पैदा हो गया है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से कुछ चुनिंदा जहाजों को ही गुज़रने दिया जा रहा है। इनमें भारत के जहाज भी शामिल हैं। युद्ध के बीच अब ईरान होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाले व्यापार के विषय में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।
होर्मुज स्ट्रेट से अभी तक सभी व्यापार अमेरिकी डॉलर (US Dollar) में होता आया है। हालांकि अब ईरान इसे बदलने पर विचार कर रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान का प्लान है कि होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस के जहाज़ों को तभी गुज़रने दिया जाएगा जब भुगतान चाइनीज़ युआन (Chinese Yuan) में किया जाए। इससे इस रास्ते ज़्यादातर व्यापार में अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल बंद हो जाएगा।
ईरान के इस कदम से ट्रंप के होश उड़ना तय है। वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर का दबदबा है और ज़्यादातर वैश्विक व्यापार अमेरिकी डॉलर में ही होता है। अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए होने वाले व्यापार के लिए डॉलर के इस्तेमाल को बंद कर दिया, तो डॉलर को झटका लगेगा। साथ ही चाइनीज़ युआन का इस्तेमाल बढ़ेगा। इससे ट्रंप बिल्कुल खुश नहीं होंगे, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल होने से वह कुछ नहीं कर पाएंगे।
Updated on:
14 Mar 2026 12:25 pm
Published on:
14 Mar 2026 11:16 am
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