
ईरान में हिंसा के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की चिंता (Photo-IANS)
Iran Travel Advisory India: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को ईरान के हालातों पर जानकारी देते हुए कहा कि भारत ईरान में हो रहे घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहा है। साथ ही कहा कि ईरान में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक गंभीर विषय है। विदेश मंत्रालय ने नागरिकों से आग्रह करते हुए कहा है कि विरोध प्रदर्शनों के बीच कोई भी "बाहर न निकले।"
विदेश मंत्रालय ने ईरान में भारतीय नागरिकों के लिए गाइडलाइन ऐसे समय में जारी की है जब जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत यात्रा पर आए हुए हैं। जर्मन चांसलर की भारत यात्रा के तहत आयोजित की गई प्रेस ब्रीफिंग में विदेश सचिव मिस्री ने कहा, "हम ईरान में हो रहे घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं… ईरान में प्रवासी भारतीयों और भारत से गए छात्रों का एक महत्वपूर्ण समुदाय है। उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।"
विदेश सचिव मिस्त्री ने यह टिप्पणी ईरान में 28 दिसंबर को बढ़ती कीमतों के विरोध में शुरू हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में लोगों का कट्टरपंथी सरकार का खुल के विरोध करना और उसके खिलाफ महिलाओं और बुजुर्गों का सड़कों पर उतरना माना जा रहा है कि यह प्रदर्शन 2022 के बाद से ईरान के धार्मिक नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं।
ईरान में हिंसक प्रदर्शनों में हुई जनहानि पर एक मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि ईरान में केवल दो सप्ताह के प्रदर्शनों में 500 से अधिक लोग मारे गए हैं। साथ ही 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहां की सरकार प्रदर्शनों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, चाहे जनहानि हो।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहले भी ईरान यात्रा पर गाइडलाइन जारी करते हुए कहा था, "ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों को उचित सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही उन्हें विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों से बचना चाहिए।" मंत्रालय ने प्रदर्शनों की जानकारी के लिए और किसी भी प्रकार के अपडेट के लिए चौकन्ना रहने की भी सलाह दी थी। मंत्रालय ने कहा था, "नागरिकों को समाचारों के साथ-साथ तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल पर भी बारीकी से नजर रखनी चाहिए।"
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में हिंसक प्रदर्शनों में मरने वालों में 496 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के जवान भी शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चेतावनी के बाद तनाव और बढ़ गया था। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में संभावित अमेरिकी हस्तक्षेप की चेतावनी दी थी। इसके बाद ईरान ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी। ईरान ने अमेरिका का जवाब देने के लिए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
बता दें कि ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है।
Published on:
12 Jan 2026 09:39 pm

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