
कई देशों में ऊर्जा संकट (AI Image)
Iran–Israel conflict: ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट का असर दिख रहा है। इस संघर्ष के कारण तेल और गैस की दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। संघर्ष की वजह से हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से दुनियाभर में होने वाली गैस-तेल की सप्लाई बाधित हुई है। वैश्विक स्तर पर उपजे ऊर्जा आपूर्ति संकट का असर भारत में भी दिख रहा है। भारत में गैस-तेल के दाम बढ़ने की आशंका है। हालांकि, सरकार ने ईंधन के दाम बढ़ने की खबरों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि फिलहाल ऐसी कोई दिक्कत नहीं है।
ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से उपजे मौजूदा ऊर्जा संकट का असर भारत में देखने को मिल रहा है। चेन्नई, बेंगलुरू, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और राजस्थान समेत कई राज्यों में कामर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई बाधित हुई है। गैस सप्लाई बाधित होने की बजह से कई बड़े शहरों में रेस्टोरेंट्स और होटल बंद करने की नौबत आ गई है। चेन्नई और बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने कामिर्शियल LPG सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने की शिकायत की है।
होटल्स एसोसिएशन ने इस संकट के निपटने के लिए PM मोदी से मदद मांगी है। मुंबई के इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय के. शेट्टी ने गैस कि किल्लत की बात कही है। शेट्टी ने न्यूज एजेंसी IANS से कहा कि LPG सिलेंडरों की कमी के कारण पहले ही हमारे 20% होटल बंद हो चुके हैं। यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है। अगले 2-3 दिनों में कम से कम 50-60 होटल बंद हो सकते हैं।
LPG की निर्बाध आपूर्ति के लिए सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू किया है। भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का ने अपने आधिकारिक 'X' अकाउंट पर इसकी जानकारी दी है। मंत्रालय ने 'X' पर लिखा- वर्तमान भू-राजनीतिक व्यवधानों और ईंधन आपूर्ति पर एलपीजी की कमी को देखते हुए मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को LPG का अधिक उत्पादन करने और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपयोग के लिए इस्तेमाल करने के आदेश जारी किए हैं। मंत्रालय ने घरों में LPG की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है और जमाखोरी/कालाबाजारी से बचने के लिए 25 दिन की इंटर-बुकिंग अवधि शुरू की है।
ऊर्जा संकट से बचने के लिए बांग्लादेश ने बिजली और ईंधन की खपत कम करने के लिए सोमवार से सभी यूनिवर्सिटीज को बंद करने का आदेश दिया है। ऊर्जा बचाने के लिए बांग्लादेश में 'ईद-उल-फितर' की छुट्टियां पहले घोषित कर दी गई हैं। इसके साथ ही बांग्लादेश में कई उर्वरक फैक्ट्रियों में गैस सप्लाई कम होने के कारण प्रोडक्शन रोक दिया गया है।
वैश्विक उर्जा संकट को देखते हुए वियतनाम में सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए सभी प्राइवेट कंपनियो-ऑफिस से अपील की है। सरकार ने सभी कंपनी-ऑफिस के कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है। वियतनाम के उद्योग और व्यापार मंत्रालय के मुताबिक, इससे दफ्तर आने-जाने में होने वाली ईंधन खपत कम होगी और ऊर्जा की बचत होगी। इसके साथ ही सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कुछ फ्यूल आयात पर लगाए गए टैरिफ भी हटा दिए हैं। वियतनाम सरकार का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच ईंधन की सप्लाई बनाए रखना और खपत कम करना दोनों जरूरी हैं।
वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बाद साउथ कोरिया ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार ने घरेलू ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्राइस कैप लगाने की तैयारी की है। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कहा है कि यह कदम तेल कीमतों में तेजी को रोकने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उठाया जा रहा है।
ऊर्जा संकट को देखते हुए जापान सरकार ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। जापान ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए राष्ट्रीय तेल भंडारण केंद्रों को जरूरत पड़ने पर कच्चा तेल जारी करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। जापान ऑर्गेनाइजेशन फॉर मेटल्स एंड एनर्जी सिक्योरिटी (JOGMEC) के अधिकारियों के मुताबिक, यह आदेश प्राकृतिक संसाधन और ऊर्जा एजेंसी की ओर से दिया गया है। सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर वैश्विक सप्लाई में बाधा आती है तो घरेलू बाजार में तेल की कमी न हो।
ईरान जंग का असर एशियाई देशों पर भी पड़ने लगा है। गैस-तेल आपूर्ति बाधित होने के कारण लगभग 9 एशियाई देशों में ऊर्जा संकट बढ़ रहा है। ऊर्जा संकट के चलते थाईलैंड ने सरकारी दफ्तरों में लिफ्ट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। ऊर्जा बचाने के लिए कर्मचारियों को सीढ़ियों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। थाईलैंड सरकार ने AC का कम से कम इस्तेमाल करने के लिए कहा है।
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार ने मंत्रियों की विदेशी यात्राओं पर रोक लगा दी है। इसके अलावा सरकार ने खर्च कम करने और ईंधन उपयोग में कटौती करने का निर्णय लिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को खर्च में कटौती योजना का ऐलान किया है। इसके तहत सरकारी दफ्तर हफ्ते में सिर्फ 4 दिन खुलेंगे और आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इस हफ्ते के अंत से स्कूल 2 हफ्तों के लिए बंद रहेंगे। पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो न्यूज के मुताबिक, मंत्रियों और सलाहकारों के विदेश दौरे रोक दिए गए हैं। मंत्री दो महीने तक वेतन नहीं लेंगे और सांसदों की सैलरी में 25% की कटौती होगी।
Published on:
10 Mar 2026 09:34 pm
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