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BNP और जमात के बीच छिड़ी खूनी जंग, कई हुए घायल, 12 फरवरी को है आम चुनाव

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात ए इस्लामी के नेता व कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होना है।

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बांग्लादेश में हिंसा। (फोटो- IANS)

Bangladesh elections: बांग्लादेश में आम चुनाव नजदीक है। ऐसे में वहां चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। आवामी लीग के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगने के कारण वहां मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात ए इस्लामी के बीच है। जमात के साथ छात्रों की पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी का गठबंधन है। इधर, BNP नेता व पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की वापसी के बाद पार्टी को आगामी चुनाव में माइलेज हासिल है।

BNP और जमात के बीच खूनी जंग

चुनावी सरगर्मी के बीच खबर सामने आई है कि BNP और जमात ए इस्लामी के नेता व कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गए। बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को शाम 4:00 बजे के आसपास झड़प तब शुरू हुई जब जमात कार्यकर्ताओं का एक समूह मुबारक मस्जिद के पास कैंपेन कर रहा था।

22 जनवरी से पहले प्रचार की इजाजत नहीं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी में "हेवन टावर" नाम की 10-मंजिला इमारत में घुसने की कोशिश करते समय जमात कार्यकर्ताओं का सामना BNP के लोगों से हुआ। इमारत के एक सुरक्षा गार्ड अब्दुल अलीम ने मीडिया से कहा कि BNP के लोगों ने जमात कार्यकर्ताओं को रोक दिया। BNP ने दावा किया कि 22 जनवरी से पहले प्रचार करने की इजाजत नहीं दी गई है। इसके बाद दोनों पार्टियों के नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच नोंकझोंक हुई और फिर यह हिंसक झड़प में तब्दील हो गई।

नोटिस बोर्ड को किया नजरअंदाज

इमारत के फ्लैट मालिकों के एसोसिएशन के पूर्व महासचिव इदरीस अली ने दावा किया कि जमात कार्यकर्ताओं ने निवासियों से वोट मांगने के लिए घरों का दौरा किया था। उन्होंने पहले भी इस इलाके और इस इमारत में कई बार कैंपेन किया है। हमने तो एंट्रेंस पर एक नोटिस बोर्ड भी लगाया था जिस पर लिखा था 'यहां राजनीतिक चर्चा और कैंपेन मना है', लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।"

मस्जिद के बाहर कथित तौर पर बढ़ा तनाव

कई स्थानीय BNP नेताओं ने जमात कार्यकर्ताओं पर कैंपेन के दौरान निवासियों के मोबाइल नंबर और नेशनल आइडेंटिटी कार्ड मांगने का आरोप लगाया। दोनों समूहों के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन आखिरकार स्थिति शांत हो गई और दोनों पक्ष तितर-बितर हो गए। हालांकि, मस्जिद के बाहर कथित तौर पर तनाव फिर से बढ़ गया, स्थानीय BNP नेताओं ने दावा किया कि जमात कार्यकर्ताओं ने उनके कुछ सदस्यों को घेर लिया और उन पर जमात कार्यकर्ताओं को इमारत के अंदर "बंद करने" का आरोप लगाया।

गलियों में हुए जमा और की मारपीट

काफरुल थाना से BNP की युवा शाखा जुबो दल के पूर्व महासचिव शरीफुल इस्लाम मिलन ने कहा, "जमात 100-150 लोगों के साथ मस्जिद के सामने आई और हमारे लोगों का पीछा किया। इसके बाद वहां 1500 से अधिक लोग इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने मीडिया को बताया कि BNP कार्यकर्ता मस्जिद के आसपास की गलियों में जमा हो गए और जमात विरोधी नारे लगाने लगे और मारपीट हुई।