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रहमान से भारत में रह रही बांग्लादेशी पत्रकार ने कर दी भावुक अपील, कहा- महिलाओं को सेक्स स्लेव समझा गया, अब आप…

तस्लीमा नसरीन ने बांग्लादेश चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह BNP की जीत से नहीं, बल्कि जमात-ए-इस्लामी जैसे इस्लामिस्ट-जिहादी ग्रुप की हार से खुश हैं।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 13, 2026

बांग्लादेश के नए पीएम होंगे तारिक रहमान। (फोटो- IANS)

भारत में रह रहीं बांग्लदेश की पत्रकार तस्लीमा नसरीन ने बांग्लादेश चुनाव में जमात-ए-इस्लामी की हार का स्वागत किया है। उन्होंने जमात की कट्टरपंथी सोच और हिंदुओं व महिलाओं के खिलाफ हिंसा का जिक्र किया।

यह ह्यूमन राइट्स की जीत

बांग्लादेशी राइटर और एक्टिविस्ट तस्लीमा नसरीन ने अपने एक्स पोस्ट में कहा- बांग्लादेशी नेशनल पार्टी (बीएनपी) की जीत इतनी जरूरी नहीं कि जश्न मनाई जाए, लेकिन जमात-ए-इस्लामी और जिहादी तत्वों को नकारना ह्यूमन राइट्स की जीत है।

तस्लीमा नसरीन ने कहा कि इस्लामी गुटों की हार सिर्फ एक पॉलिटिकल बदलाव नहीं है, बल्कि सेक्युलरिज्म और महिलाओं के अधिकारों के लिए एक टेम्पररी राहत है।

हिंदू घरों और उनके जीवन को टारगेट किया जा रहा

तस्लीमा ने जमात-ए-इस्लामी की उस बात पर जोर दिया, जो खास तौर पर हिंदू घरों और जिंदगी को टारगेट कर रहा है। तस्लीमा ने कहा कि हिंदुओं पर जबरदस्ती पर्दा थोपा जा रहा है और महिलाओं को पॉलिटिकल प्रोसेस से बाहर रखा जा रहा है।

तस्लीमा ने लिखा - इस चुनाव में, मैं इसलिए खुश नहीं हूं कि BNP जीती, बल्कि इसलिए खुश हूं कि इस्लामिस्ट-जिहादी-टेररिस्ट ग्रुप हार गया। पिछले डेढ़ साल में, उन्होंने बहुत ज्यादा दबदबा दिखाया, लाखों सपोर्टर्स के साथ रैलियां कीं।

उन्होंने आगे कहा- जमात ने जब चाहा दिन-रात भीड़ की हिंसा की, जिसे चाहा मारा और टॉर्चर किया, हिंदुओं के घरों में आग लगाई, हिंदुओं को पीट-पीटकर जला दिया और वोट के लिए एक भी महिला को उम्मीदवार नहीं बनने दिया।

जमात ने महिलाओं का अपमान किया

तस्लीमा ने लिखा- इतनी ज्यादा औरतों से नफरत करने वाली पार्टी ने काम करने वाली महिलाओं को प्रॉस्टिट्यूट कहकर बेइज्जत किया, महिला लीडरशिप के खिलाफ बात की, महिलाओं को बुर्के और नकाब के अंधेरे में धकेला, महिलाओं को पुरुषों का गुलाम और सेक्स स्लेव समझा और महिला विरोधी शरिया कानून लागू करने का सपना देखा।

तस्लीमा ने लिखा- लोगों ने जमात-ए-इस्लामी को सत्ता में नहीं आने दिया। अभी के लिए यही अच्छी खबर है। साथ ही तस्लीमा ने एक 15-पॉइंट एजेंडा बताया, जिसके बारे में उनका मानना ​​है कि BNP सरकार को अपनाना चाहिए, जिसमें भारत के साथ दोस्ताना, प्रैक्टिकल रिश्ते फिर से बनाना शामिल है।

तस्लीमा ने बीएनपी को दी अहम सलाह

तस्लीमा ने आगे कहा- अब, मुझे लगता है कि BNP को यह करना चाहिए, 1 जुलाई का चार्टर रद्द कर देना चाहिए। संविधान में सेक्युलरिज्म को फिर से लागू करना चाहिए। राज्य के धर्म को हटा देना चाहिए।

उन्होंने आगे लिखा- धर्म पर आधारित पारिवारिक कानूनों को खत्म किया जाना चाहिए और महिलाओं की बराबरी पक्का करने के लिए समान अधिकारों पर आधारित एक यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाना चाहिए। बोलने की आजादी, मानवाधिकार, माइनॉरिटी (हिंदू, बौद्ध, ईसाई, मूलनिवासी) की सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा पक्की की जानी चाहिए।

मदरसा शिक्षा खत्म करने की अपील

तस्लीमा ने लिखा- मदरसा शिक्षा खत्म की जानी चाहिए और एक सेक्युलर व साइंस पर आधारित शिक्षा सिस्टम को मजबूत किया जाना चाहिए। सभी के लिए यूनिवर्सल शिक्षा और हेल्थकेयर पक्का किया जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा- लोकतंत्र का सम्मान करते हुए अवामी लीग पर लगा बैन हटाया जाना चाहिए। ऐसे इंतजाम किए जाने चाहिए कि उसके नेता देश निकाला से लौट सकें और राजनीति में शामिल हो सकें। जिहादी-समर्थित जमात-ए-इस्लामी को मुख्य विपक्षी पार्टी के तौर पर रखना सुरक्षित नहीं है।