महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार के प्लेन हादसे में निधन के बाद महाराष्ट्र में जितना शोक है.. उससे कहीं ज्यादा सियासी हलचल तेज हो गई है। दरअसल, एक तरफ दावा किया जा रहा है कि अजित पवार की प्रबल इच्छा थी कि एनसीपी फिर से एक हो जाए, लेकिन वहीं, दूसरी तरफ सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाकर खेल बिगाड़ दिया है। महायुति के फैसले से शरद पवार सदमे में नजर आ रहे हैं। सियासी पंडितों की मानें तो महायुति ने सुनेत्रा पवार को डिप्टी पद देने का निर्णय लेने के साथ एनसीपी के सियासी सफर पर भी पूर्ण विराम लगाने का काम किया है। सूत्रों का कहना है कि महायुति ने शरद पवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। क्योंकि शरद पवार ने दावा किया है कि पिछले चार महीनों से दोनों पार्टियों को फिर से एक करने के लिए चर्चा चल रही थी, उन्होंने कहा कि इसके लिए 12 फरवरी की तारीख भी तय की गई थी, लेकिन इसी बीच अजित का अचानक निधन होने की वजह से पूरा प्लान अधूरा रह गया।