गांव में नल-जल योजना है, लेकिन हफ्ते में एक बार पानी दिया जा रहा है। गांव में महिलाओं को मजदूरी छोड़ खेतों में पानी भरने जाना पड़ रहा है। सरपच-सचिव को बोलते है तो वो भी कुछ कार्रवाई नहीं करते। यह बात मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंची बडग़ांव गुर्जर पंचायत के ग्राम टिगरिया की महिलाओं ने अध्किारियों से कही। जनसुनवाई में कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए।
ग्राम टिगरिया से आई चंदा बाई, बसर बाई आदि ने बताया कि गांव में अभी से जलसंकट होने लगा है। खेतों में पानी लेने जाते है तो खेत मालिक भी पानी भरने नहीं दे रहे है। सरपंच कहता है कि पाइप लाइन डालना बाकी है। गर्मियों में तो हालत खराब हो जाएंगे। वहीं, जामकोटा से आए नरेंद्रसिंह राजपूत ने 4 साल पहले बिजली के खंबे में आए करंट से भैंस की मौत परअब तक कोई राहत राशि नहीं मिलने की शिकायत की। कलेक्टर ने विविकं अधिकारी को नियमानुसार मदद दिलाने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, अपर कलेक्टर अरविंद चौहान एवं केआर बड़ोले, डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले, सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग सिंह बहादुर सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।