युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती पर सोमवार को देश एक ओर युवा दिवस मना रहा था। दूसरी ओर युवा छात्राओं को हॉस्टल में परोसे गए गुणवत्ताहीन भोजन से बीमारी का समाना करना पड़ रहा था। शिकायत के बाद भी जब बात नहीं बनी तो छात्राएं पैदल ही पांच किमी चलकर कलेक्ट्रेट पहुंच गई और जमकर नारेबाजी की। अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख गौड़ा ने मंगलवार को जांच का आश्वासन दिया, जब जाकर छात्राएं वापस लौटी।
मामला महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्कूल के पास बने कॉलेज के सीनियर ट्राइबल कन्या छात्रावास का है। छात्राओं को सोमवार ऐसा भोजन परोसा गया कि उन्हें अस्पताल तक जाना पड़ गया। वह भी ऐसे समय जब प्रदेश के आदिमजाति कल्याण मंत्री विजय शाह और जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी शहर में थे। छात्राओं का आरोप है कि सुबह दिए गए भोजन में इल्लियां निकली, भोजन भी गुणवत्ता हीन था। इस भोजन के खाने से पांच छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें वार्डन रेखा प्रजापति अस्पताल ले गई और प्रशासन से मामला छुपाने के लिए इलाज करवाकर वापस होस्टल ले आई।
शिकायत पर नहीं बनी बात, तो निकली पैदल
होस्टल की कुछ छात्राओं ने इसकी शिकायत आदिमजाति कल्याण विभाग के सहायक संचालक नीरज पाराशर से फोन पर की। सहायक संचालक ने कहा कि वे और सहायक आयुक्त जबलपुर में कोर्ट पेशी पर है, मंगलवार को खंडवा आकर बात करेंगे। जिसके बाद छात्राओं का आक्रोश चरम पर पहुंच गया और पैदल ही कलेक्टर से मिलने छात्रावास से निकल पड़ी। करीब पांच किमी पैदल चलकर जब छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंची तो यहां कलेक्टर के मीटिंग में होने की बात सामने आई। जिस पर छात्राएं कलेक्ट्रेट गेट पर ही बैठ कर नारेबाजी करने लगी।
शारीरिक मानसिक रूप से करती प्रताडि़त
यहां पहुंची छात्राओं ने कलेक्टर से मिलने की जिद पकड़ ली और मीटिंग हॉल की ओर जाने लगी। इसके बाद अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख गौड़ा वहां पहुंचीं और छात्राओं से चर्चा की। छात्राओं ने वार्डन रेखा प्रजापति पर आरोप लगाए कि वह उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताडि़त करती है। शिकायत करने पर उनका व्यवहार और भी खराब हो जाता है और मारपीट तक करती है। हॉस्टल में गंदगी है, फटी चादरें, कंबल दिए जाते है। शिकायत के बाद बड़ी मुश्किल से चादरें बदली गई है। अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख ने मंगलवार को हॉस्टल में जांच कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्राएं वापस लौट गई।