– बस्सी में 14 एमएम बरसात, बेमौसम बरसात ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानीमौसम:
बस्सी. जयपुर ग्रामीण इलाके के बस्सी, चाकसू एवं जमवारामगढ़ उपखण्ड इलाकों में बुधवार सौसम का मिजाज बदलने से ओलों के साथ बरसात हुई और बस्सी के बड़वा गांव में खेत पर काम कर रहे एक जने की मौत हो गई और एक जना झुलस गया। बरसात से किसानों के खेतों में सरसों व चने की फसल भीग गई और कई जगह ओलों से भी फसलों को नुकसान हो गया।
जानकारी के अनुसार बुधवार तड़के से ही मौसम का मिजाज बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई। तड़के से आकाश में बादलों की घटा छाना शुरू हो गई। वहीं गर्जना के साथ बिजली चमकती रही तो दिनभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। बस्सी इलाके में दोपहर 2.5 बजे से 2.11 बजे तक एव साढ़े चारबजे दो बार चने व कई जगह बेर आकार के ओलों के साथ बरसात हुई। तहसील कार्यालय पर शाम 5 बजे तक 14 एमएम बरसात दर्ज की गई। ( कासं )
दिनभर छाए रहे बादल, मध्यमगति की बरसात, सर्द हवा ने ठिठुराया::::
जयपुर ग्रामीण इलाके में तड़के से ही आसमान में काले बादल छाने के साथ गर्जना के साथ बिजली चमकना शुरू हो गई। इसके बाद पूरे दिन कभी रुक-रुक कर तो कभी लगातार बरसात का दौर चलता रहा। सर्द हवा चलने से सर्दी का असर बढ़ गई। पिछले कुछ दिनों पहले जहां दिन का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं बुधवार को यह गिरकर अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
– सरसों-जौ की कटी फसल भीगी::::
क्षेत्र में सरसों की करीब 90 प्रतिशत कटाई पूरी हो चुकी है कहीं पर खलिहानों में कटी हुई सरसों की फसल पड़ी है तो कहीं पर थ्रेसिंग हो रही है। बरसात से खेतों में कटी और खलिहानों में रखी सरसों व जौ की फसल भीग गई। जौ की फसल की भी कई पर लावणी चल रही है, तो कहीं पर थ्रेसिंग के लिए रखी हुई है तो कहीं खेतों में पक कर कटने का इंतजार कर रही है। बारिश से दानों में नमी बढ़ने की आशंका है, जिससे गुणवत्ता खराब हो सकती है। किसानों का कहना है कि यदि धूप नहीं निकली तो फसल सुखाना मुश्किल होगा और उन्हें बाजार में उचित दाम नहीं मिल पाएंगे। इससे मेहनत पर पानी फिरने का खतरा बना हुआ है।