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कोहरे की चादर में लिपटा बस्सी अंचल, हाइवे पर थमी रफ्तार

बस्सी. इलाके में मंगलवार सुबह अचानक छाए घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तड़के से लेकर सुबह करीब आठ बजे तक हाइवे और ग्रामीण सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम रही, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर जयपुर–आगरा नेशनल हाइवे पर स्थित कानोता क्षेत्र में कोहरे का असर अधिक […]

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बस्सी. इलाके में मंगलवार सुबह अचानक छाए घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तड़के से लेकर सुबह करीब आठ बजे तक हाइवे और ग्रामीण सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम रही, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर जयपुर–आगरा नेशनल हाइवे पर स्थित कानोता क्षेत्र में कोहरे का असर अधिक देखने को मिला। कई स्थानों पर दृश्यता 30 से 40 मीटर तक सिमट गई, जिसके चलते वाहन रेंगते नजर आए।

सुबह – सुबह काम पर निकलने वाले लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों को सर्दी और कोहरे के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। दोपहिया वाहन चालकों ने हेडलाइट जलाकर सफर किया, वहीं भारी वाहनों की गति भी काफी धीमी रही। कोहरे के कारण कुछ समय के लिए हाइवे पर जाम जैसी स्थिति भी बनी, हालांकि किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है।

फालियावास, सांख की छतरी व ढूंढ नदी के आसपास के क्षेत्र में कोहरे का प्रभाव अन्य इलाकों की तुलना में अधिक रहा। यहां खुले खेत और निचले इलाके होने के कारण सुबह के समय घना कोहरा छा गया। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके चलते कोहरे की संभावना पहले से ही बनी हुई थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि कोहरा अधिक देर तक नहीं टिका। सूरज निकलने के बाद धीरे-धीरे कोहरा छंट गया और दृश्यता सामान्य होने लगी। इसके बावजूद सर्दी का असर पूरे दिन महसूस किया गया। सुबह और शाम के समय ठंडी हवा के चलते लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए। इधर इलाके में रात को ओस भी गिरी, इससे फसलों को फायदा होगा।