बस्सी. जयपुर ग्रामीण इलाके में शनिवार को मौसम का मिजाज अचानक बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई। दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए, जिससे खेतों में खड़ी और कटी फसलों पर संकट मंडराने लगा। बस्सी क्षेत्र में इस समय रबी फसलों की कटाई और पकाई का दौर चल रहा है। सरसों की फसल कई जगह खेतों में कटी पड़ी है, जबकि जौ की फसल की तेजी से कटाई की जा रही है। कई किसानों ने जौ की फसल काटकर खेतों में ही सुखाने के लिए छोड़ रखी है, तो कहीं खलिहानों में थ्रेसिंग के लिए जमा की गई है।
इसी तरह चने की फसल की भी कई गांवों में कटाई शुरू हो चुकी है। किसानों का कहना है कि मौसम का यह अचानक बदला रुख उनके लिए भारी पड़ सकता है। यदि बादलों के कारण बूंदाबांदी या बारिश हो जाती है तो कटी हुई फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। नमी आने से दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी और मंडी में उचित दाम मिलने में भी परेशानी हो सकती है।
मौसम खराब होने की आशंका के चलते कई किसान दिनभर खेतों और खलिहानों में जुटे रहे। थ्रेसिंग का काम तेज कर दिया गया , ताकि फसल को जल्द से जल्द सुरक्षित किया जा सके। कुछ किसानों ने कटी हुई फसल को ढकने की व्यवस्था भी की, ताकि यदि हल्की बारिश हो जाए तो नुकसान कम हो। हालांकि बार-बार बादल छाने से किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।
किसानों का कहना है कि इस समय उनकी पूरी मेहनत दांव पर लगी है। महीनों की मेहनत से तैयार हुई फसल यदि बारिश की भेंट चढ़ गई तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ग्रामीण इलाकों में किसान मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आसमान साफ होने की दुआ कर रहे हैं, ताकि कटाई और थ्रेसिंग का काम बिना बाधा के पूरा हो सके। कासं