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‘सत्ता के बिना मछली की तरह तड़प रहे अखिलेश यादव’, साक्षी महाराज ने योगी को बताया आधुनिक विवेकानंद

UP Politics: साक्षी महाराज ने सीएम योगी के निवेश प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्हें सत्ता के लिए व्याकुल बताया।

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UP Politics: भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने एक बार फिर अपने तीखे बयानों से सियासी पारा चढ़ा दिया है। अपने कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विदेश दौरों और प्रदेश में आ रहे भारी भरकम निवेश की जमकर तारीफ की। वहीं, विपक्षी खेमे पर निशाना साधते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की तुलना 'बिना पानी की मछली' से कर डाली। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल सत्ता से दूर होने के कारण हताशा में ऊल-जलूल बयानबाजी कर रहे हैं।

स्वामी विवेकानंद से की योगी की तुलना

सांसद साक्षी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की सराहना करते हुए उनकी तुलना स्वामी विवेकानंद से की। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के बाद योगी आदित्यनाथ पहले ऐसे धर्माचार्य हैं, जिन्होंने विदेश जाकर भारत और उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। साक्षी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के निवेश की 'बरसात' हो रही है। उन्होंने इस आर्थिक प्रगति के लिए सीएम योगी का अभिनंदन किया और निवेश करने वाले देशों का भी आभार जताया। सांसद ने भरोसा जताया कि भाजपा सरकार निवेशकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरेगी।

सत्ता के बिना तड़प रहे हैं अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए साक्षी महाराज ने कहा कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी सत्ता के बिना बेचैन है। उन्होंने मुहावरों का इस्तेमाल करते हुए कहा 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचती है। अखिलेश जी की स्थिति आज बिना पानी की मछली जैसी हो गई है, वे सत्ता के बिना तड़प रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि जनता विपक्ष के बहकावे में नहीं आने वाली और साल 2027 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक बार फिर भारी बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी।

हर रंगा कपड़ा पहनने वाला साधु नहीं होता

हालिया धार्मिक विवादों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में साक्षी महाराज ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि हर वह व्यक्ति जो रंगे हुए कपड़े पहनता है, वह संन्यासी, साधु या मंडलेश्वर नहीं हो सकता। उन्होंने त्रेतायुग का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण ने भी सीता हरण के समय रंगे हुए कपड़े पहने थे। हालांकि उन्होंने वर्तमान विवादों पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट ही तथ्यों और सबूतों के आधार पर सच्चाई तय करेगा।

राम मंदिर आंदोलन को याद किया

साक्षी महाराज ने राम मंदिर आंदोलन के दिनों को याद करते हुए विपक्षी दलों पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अतीत में राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं और दमन किया आज वही लोग संतों के सम्मान की बात कर रहे हैं। सांसद ने दो टूक कहा कि अगर किसी को राजनीति करनी है तो उसे पहले पूरे हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए। इतिहास को भुलाया नहीं जा सकता।