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अब कालभैरव मंदिर में आस्था का सौदा! VIP दर्शन की आड़ में वसूली, महाकाल जैसी स्क्रिप्ट

Kal Bhairav VIP Darshan Scam: उज्जैन में फिर आस्था को कमाई का जरिया बनाया गया। कालभैरव मंदिर में नजदीक से दर्शन के नाम पर संगठित वसूली का भंडाफोड़ हुआ।

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kal bhairav temple vip darshan scam like mahakal temple (फोटो- गूगल फोटो)

MP News: धर्मनगरी उज्जैन में एक बार फिर आस्था को हथियार बनाकर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर परिसर में दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से पैसे ऐंठने वाले 9 आरोपियों को पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा है। खुद को मंदिर से जुड़ा या प्रभावशाली बताकर ये लोग बाहर से आए श्रद्धालुओं को जल्दी, विशेष और नजदीक से दर्शन का लालच देते थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। यह पूरा मामला ठीक उसी तर्ज पर संचालित हो रहा था, जैसा एक साल पहले महाकाल मंदिर में उजागर हुआ था। (Kal Bhairav VIP Darshan Scam)

जांच में खुला 'दर्शन दलाली' का खेल

भैरवगढ़ थाना प्रभारी रघुनाथ सिंह शक्तावत के अनुसार सोमवार सुबह पुलिस को शिकायत मिली थी कि काल भैरव मंदिर में कुछ लोग रुपए लेकर श्रद्धालुओं को पीछे के रास्ते से भीतर प्रवेश करा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और 9 संदिग्धों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को मंदिर प्रबंधन से जुड़ा हुआ या स्थानीय प्रभावशाली बताकर श्रद्धालुओं को झांसे में लेते थे। भीड़, समय की कमी और दर्शन की जल्दबाजी का फायदा उठाकर वे मोटी रकम वसूलते थे। खासतौर पर बाहर से आए श्रद्धालु इनके आसान शिकार बन रहे थे।

महाकाल जैसी ही है ठगी की स्क्रिप्ट

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि काल भैरव मंदिर का यह मामला महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) में पहले सामने आ चुके दर्शन ठगी कांड से मेल खाता है। वहां भी विशेष प्रवेश, अलग लाइन, नजदीक से दर्शन और पूजा-पाठ की सेटिंग के नाम पर श्रद्धालुओं से पैसे वसूले जा रहे थे। फर्क सिर्फ स्थान का था, तरीका वही पुराना और सुनियोजित।

इन पर हुई कार्रवाई

पुलिस ने लखन पिता बंसीलाल, हर्ष भाटी पिता राजेश भाटी, गगन पिता योगेश, मुकेश पिता हीरालाल, विनय पिता विजय, विकास पिता मुकेश. कुंदन पिता कैलाश, दीपक पिता बाबूलाल और लखन पिता मोहनलाल के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने साफ किया है कि मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। किसी भी प्रकार की दर्शन दलाली या अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हार-फूल दुकानों से चल रही थी नजदीक से दर्शन के नाम पर वसूली

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस अवैध वसूली का पूरा नेटवर्क हार-फूल दुकानदारों के जरिए संचालित हो रहा था। मंदिर परिसर के आसपास बैठकर दलाल श्रद्धालुओं को चिह्नित करते और सेटिंग का भरोसा देकर रकम वसूलते थे। हालांकि, कार्रवाई के दौरान कोई प्रत्यक्ष पीड़ित सामने नहीं आया, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। चर्चा तो यह भी है कि शराब प्रतिबंधित होने के बावजूद कुछ लोग चोरी छुपे शराब भी उपलब्ध कराते हैं। सभी लोग काल भैरव को शराब चढ़ाने के प्रति उत्साहित रहते हैं. कुछ लोग इसका फायदा उठाकर लाभ कमा रहे हैं। (MP News)