
जाति आधारित जनगणना और ओबीसी के लिए अलग कॉलम की मांग
उज्जैन। भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उज्जैन में धरना-प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण के तहत यह प्रदर्शन शहर के कोठी पैलेस परिसर में आयोजित किया गया, जहां सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक कार्यकर्ताओं ने धरना देकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धरना-प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता संकुल भवन पहुंचे, जहां भारत मुक्ति महिला मोर्चा और बहुजन मुक्ति पार्टी की अध्यक्ष आयुष्यमति गंगा मालवीय के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगों को रखते हुए सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की। मुकेश मालवीय ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में सरकार को ज्ञापन देकर मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया गया था, लेकिन उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी कारण दूसरे चरण में धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में आगामी राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी वर्ग और उनकी जातियों के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा कैबिनेट में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना का निर्णय लेने के बावजूद जनगणना के नोटिफिकेशन में इसका अलग कॉलम शामिल नहीं किया गया, जो ओबीसी समाज के साथ अन्याय है। इसके अलावा एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के हित में सख्त यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करने तथा वर्ष 2011 से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से मुक्त करने की मांग भी की गई है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन के तीसरे चरण में 23 मार्च 2026 को रैली निकालकर व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में तेजकुमार चौहान, जगन्नाथ बागड़ी, ईश्वर मालवीय, अशोक मालवीय, हीरालाल एरवाल, मुकेश मालवीय, बने सिंह बौद्ध सहित बहुजन समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे।
Published on:
13 Mar 2026 07:36 pm
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