
उज्जैन. सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ गई है। शनिवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने नगर निगम द्वारा किए जा रहे सड़कचौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा की। जब संबंधित इंजीनियरों से पिछले सात दिनों की प्रगति पूछी गई, तो वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। अधिकारियों की इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने सहायक यंत्री साहीलमेदावाला और एक उपयंत्री को तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ जैसे वैश्विक आयोजन की तैयारियों में एक-एक दिन की कीमत है। उन्होंने निर्देश दिया कि अब से हर सप्ताह सड़कचौड़ीकरण और निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट फोटो सहित प्रस्तुत करनी होगी। बैठक में कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण की गति बढ़ाने के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना अनिवार्य है। तय समय-सीमा में काम पूरा न होने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फील्ड पर उतरे अधिकारी: निर्माण कार्यों का धरातल पर निरीक्षण
समीक्षा बैठक समाप्त होते ही कलेक्टर रौशन कुमार सिंह सीधे निर्माण स्थलों का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने राजस्व कॉलोनी से भार्गव हार्टकेयर तक बन रही 350 मीटर लंबी और 24 मीटर चौड़ीसड़क का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य की रफ्तार में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजों पर प्रगति दिखाने के बजाय धरातल पर काम दिखना चाहिए।
बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी सीईओ संदीप शिवा ने विक्रम कीर्ति मंदिर के इंटीरियर कार्य शुरू होने की जानकारी दी। इस पर कलेक्टर ने वीर भारत न्यास और मंदिर से जुड़े़ कार्यों में भी तेजी लाने के आदेश दिए। प्रशासन का मुख्य फोकस अब उन सभी प्रमुख परियोजनाओं पर है जो सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी नगर निगम आयुक्त संतोष टैगोर और ओएसडी गोपाल डाड सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि सिंहस्थ प्रोजेक्ट में लापरवाही करने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं होगी।
Published on:
01 Feb 2026 06:08 pm

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