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संबंध बनाने से 2 बार गर्भवती हुई लड़की, दवा खिलाकर करवाया गर्भपात, शादी से मुकरा तो पीड़िता ने किया विषाक्त पदार्थ का सेवन

Udaipur POCSO Case: उदयपुर की पॉक्सो कोर्ट-1 के पीठासीन अधिकारी अरुण जैन ने नाबालिग से दुष्कर्म और दो बार गर्भपात कराने के मामले में आरोपी आनंद परमार को 20 साल कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने पीड़िता को 5 लाख रुपए प्रतिकर देने की भी अनुशंसा की।

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Udaipur POCSO Court Verdict Convict Gets 20 Years Rigorous Imprisonment for Rape of Minor and Twice Forcing Abortion

Udaipur POCSO Case (Patrika File Photo)

Udaipur Crime News: उदयपुर पॉक्सो न्यायालय क्रम संख्या-एक के पीठासीन अधिकारी अरुण जैन ने मंगलवार को अहम फैसला दिया। नाबालिग प्रेमिका से बलात्कार कर उसे दो बार गर्भवती करने और फिर गर्भपात गिराने के मामले में आरोपी को 20 साल कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

केस के मुताबिक 11वीं में अध्ययनरत किशोरी ने पहाड़ा थाना पुलिस को 8 मई 2025 को रिपोर्ट दी थी। बताया कि पिपोला निवासी आनंद परमार से उसकी पहचान थी। संबंध के चलते वह आनंद से मिलती थी और शादी करना चाहती थी। संबंध बनने से वह दो बार गर्भवती भी हुई तो आरोपी ने दवा देकर गर्भपात करवाया।

आनंद ने अचानक तोड़ा संपर्क

दो दिन पहले आरोपी ने उसे कहा था कि परीक्षा खत्म होने के बाद वे दोनों अहमदाबाद चले जाएंगे। इसके बाद अचानक आनंद ने संपर्क तोड़ दिया। ऐसे में वह आनंद के घर पहुंची तो वह भाग गया। उसकी मां और बहन ने मारपीट कर धकेल दिया। वहीं, अन्य परिजनों ने मारने की कोशिश की।

आरोपी दूसरी युवती से शादी करना चाहता था

आरोपी अन्य युवती से शादी करना चाहता था। इसलिए उसके परिजनों ने पीड़िता से शादी करवाने से इनकार कर दिया। इससे आहत होकर पीड़िता ने विषाक्त सेवन कर लिया था। पुलिस ने आरोपी आनंद को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया।

सुनवाई के दौरान विशिष्ठ लोक अभियोजक पुनम चंद मीणा ने 31 दस्तावेज और 11 गवाह पेश कर दोष सिद्ध किए। पीठासीन अधिकारी ने आरोपी को 20 साल कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। पीड़िता को प्रतिकर के तहत 5 लाख रुपए देने की अनुशंसा की।