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उदयपुर, May 22, 2026

Udaipur: भीषण गर्मी के बीच तेजी से फैल रहा एडेनो वायरस संक्रमण, गले में दर्द और सांस लेने में तकलीफ वाले मामले बढ़े

भीषण गर्मी के बीच अब वायरल एडेनो संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। उदयपुर एमबी हॉस्पिटल के मेडिसिन और ईएनटी विभाग में खांसी, जुकाम, बुखार, गले में दर्द और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एडेनो वायरस का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर देखने को मिल रहा है।

summer in rajasthan

गर्मी से बचाव के जतन कर जाते हुए।

राजस्थान के उदयपुर जिले में भीषण गर्मी के बीच अब वायरल एडेनो संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। खासकर एमबी हॉस्पिटल के मेडिसिन और ईएनटी विभाग में खांसी, जुकाम, बुखार, गले में दर्द और सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार बदलते तापमान, तेज गर्मी और ठंडी चीजों के अत्यधिक सेवन के कारण एडेनो वायरस संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 400 से 500 मरीज वायरल संक्रमण और मौसमी बीमारियों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।

सर्दी की बीमारी गर्मी में दिखी: उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. ओपी मीणा ने बताया इन दिनों तेज गर्मी के बावजूद वायरल संक्रमण के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। सामान्यतः सर्दी में दिखाई देने वाले लक्षण अब गर्मी में भी दिख रहे हैं। मरीजों में खांसी, गले में खराश, बुखार, बदन दर्द और सांस लेने में परेशानी की शिकायत सामने आ रही है। अत्यधिक गर्म वातावरण से सीधे एसी या कूलर में जाने तथा अचानक तापमान परिवर्तन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो रही है। इसी कारण एडेनो वायरस लोगों को संक्रमित कर रहा है।

फेफड़ों तक संक्रमण, निमोनिया जैसी स्थिति भी बन रही

एडेनो वायरस का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर देखने को मिल रहा है। कई मरीजों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंच रहा है, जिससे निमोनिया जैसी स्थिति भी बन रही है। सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में भर्ती मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ा है। गर्मी में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है, जिससे संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को पर्याप्त पानी पीना चाहिए और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देना चाहिए।

गले और कान दर्द के मरीज भी बढ़े

ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. नवनीत माथुर ने बताया कि अत्यधिक ठंडे पेय पदार्थों और आइसक्रीम का सेवन करने से गले में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसके अलावा लगातार एसी में रहने और बाहर तेज गर्मी में निकलने से भी गले और कान संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया प्रतिदिन 300 - 350 मरीज गले में दर्द, आवाज बैठना, कान दर्द और गले में सूजन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कई मरीजों में वायरल संक्रमण के कारण टॉन्सिल और गले में इंफेक्शन भी देखा जा रहा है।

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