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इस बार 9 मार्च को होली ( Holi 2020 ) मनाई जाएगी। दो दिवसीय होली के त्योहार में पहले दिन होलिका दहन ( Holika Dahan ) होता है, इसके अगले दिन धुलंडी खेली जाती है। होलिका दहन के लिए इस बार शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 26 मिनट से लेकर 8 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। धुलंडी पर ढोल बजा कर होली के गीत गाते है साथ ही घर-घर जाकर अपने दोस्तों और परिवारों आदि को भी रंग लगाया जाता है। 3 मार्च से होलाष्टक प्रारंभ हो जाएगा, जो 9 मार्च होलिका दहन के साथ समाप्त होगा। जिसमें कोई भी मंगल कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक होली का पर्व हिरण्यकश्यप से जुड़ा हुआ है। हिरण्यकश्यप के पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु के भक्त थे। लेकिन, उनके पिता इस भक्ती से खुश नहीं थे। हिरण्यकश्यप कई प्रयास के बाद भी प्रह्लाद भगवान ने विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी। अंत में हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद भगवान को मारने के लिए योजना बनाई। हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन की गोद में प्रह्लाद को बैठाकर अग्नि के हवाले कर दिया। इसमें होलिका जलकर भस्म हो गई, लेकिन भक्त प्रह्लाद को आंच तक नहीं आई । इसके बाद होली मनाने की परंपरा शुरू हुई ।





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