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पक्षपात पूर्ण हटाए गए अतिक्रमण के विरोध में कलेक्टर में पीडि़तों ने किया प्रदर्शन

तहसीलदार के खिलाफ की नारेबाजी और पीडि़त परिवार की आर्थिक करने की मांग

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तहसीलदार के खिलाफ की नारेबाजी और पीडि़त परिवार की आर्थिक करने की मांग

तहसीलदार के खिलाफ की नारेबाजी और पीडि़त परिवार की आर्थिक करने की मांग

टीकमगढ़ दिगौड़ा तहसील क्षेत्र थाना के सामने राजस्व विभाग और पुलिस विभाग ने पक्षपात पूर्ण अतिक्रमण हटाया गया है। पुरानी तारीख में जारी किया गया नोटिस एक दिन पहले देकर मकान और दुकान को जमीदोज किया गया है। इस अतिक्रमण की कार्रवाई और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया है।

गौरतलब है कि गुरुवार को प्रशासनिक टीम ने बुलडोजर चलाकर भज्जू कुशवाहा के कच्चे पक्के मकान, टपरा और फ सल बाड़ी, बांगडक़ो ध्वस्त कर दिया था। इस कार्रवाई को ग्रामीणों ने एकतरफ ा बताते हुए विरोध जताया।

कलेक्टर को दिए ज्ञापन में दिगौड़ा निवासी पीडि़त भज्जू कुशवाहा ने बताया कि वह अपने परिवार के 13 सदस्यों के साथ तहसील के सामने स्थित भूमि पर करीब 50 वर्षों से परिवार के साथ निवास कर रहा है।। उन्होंने बताया कि इसी भूमि पर कुआं खुदवाकर खेती की और बिजली कनेक्शन लिया। प्रशासन द्वारा लगाए गए अर्थदंड का भुगतान भी किया। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई अन्य भूमि नहीं है और वे मजदूरी कर परिवार का भरण.पोषण करते है।

भज्जू कुशवाहा ने आरोप लगाया कि तहसीलदार प्राची जैन द्वारा पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए उन्हें और उनके परिवार को बेघर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि भूमि से संबंधित मामला सिविल न्यायालय जतारा में विचाराधीन है। जिसकी जानकारी मौके पर तहसीलदार को दी गई थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

पीडित ने यह भी आरोप लगाया कि 2 जनवरी का नोटिस उन्हें 7 जनवरी को तामील कराया गया और 8 जनवरी को पुलिस बल के साथ कार्रवाई कर दी गई। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने मांग की कि पीडित परिवार को भरण पोषण के लिए आर्थिक सहायता दी जाए। भवन निर्माण के लिए भूमि का पट्टा प्रदान किया जाए और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए।