9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Good News: राजस्थान में यहां लगेगा किन्नू प्रोसेसिंग प्लांट, 5 करोड़ के प्रोजेक्ट से किसानों को होगा बड़ा फायदा

Kinnow Processing Plant: किन्नू उत्पादक किसानों के लिए यह बड़ी राहत और खुशखबरी है। गंगानगरी किन्नू को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने किन्नू प्रोसेसिंग प्लांट की मंजूरी दे दी है।

3 min read
Google source verification
Kinnow Processing Plant

श्रीगंगानगर में किन्नू प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 5 करोड़ मंजूर। फोटो: पत्रिका

श्रीगंगानगर। किन्नू उत्पादक किसानों के लिए यह बड़ी राहत और खुशखबरी है। गंगानगरी किन्नू को बढ़ावा देने और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से सरकार ने श्रीगंगानगर में किन्नू प्रोसेसिंग प्लांट की मंजूरी दे दी है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना के तहत इस प्लांट के लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। प्लांट की स्थापना की जिम्मेदारी उद्यान विभाग को सौंपी गई है। सरकार से मंजूरी की सूचना मिलने के बाद विभाग ने इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने ‘अपनी उपज, अपना उद्योग’ अभियान के तहत किन्नू प्रसंस्करण के लिए सीमित उद्योगों पर ध्यान आकृष्ट किया था। लगातार खबरें प्रकाशित कर किन्नू प्रसंस्करण उद्योगों और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर राजस्थान सरकार को भेजा और आखिर शहर में किन्नू प्रोसेसिंग प्लांट की मंजूरी मिली।

क्या होगा

प्रस्तावित किन्नू प्रोसेसिंग प्लांट में किन्नू के छिलके और बीज अलग कर पल्प तैयार किया जाएगा। इस पल्प से विभिन्न प्रकार के खाद्य और मूल्य संवर्धित उत्पाद बनाए जा सकेंगे। उद्यान विभाग की प्राथमिकता इस प्लांट को पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज की तर्ज पर विकसित करने की है।

पंजाब एग्रो ने पंजाब में किन्नू के कई प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए हैं, जहां तैयार पल्प को विभिन्न निजी कंपनियों को बेचा जाता है। इसी मॉडल को श्रीगंगानगर में अपनाने पर विचार किया जा रहा है।

विकास का रास्ता खुलेगा

फिलहाल यह तय नहीं हुआ है कि किन्नू प्रोसेसिंग प्लांट सरकारी क्षेत्र में स्थापित होगा या पीपीपी मोड पर। इस संबंध में अंतिम निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाएगा। किन्नू श्रीगंगानगर जिले के पंच गव्यों में शामिल है और जिले की पहचान से भी जुड़ा हुआ है।

प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना के बाद जिले में किन्नू पल्प आधारित औद्योगिक इकाइयों के विकास का रास्ता खुलेगा। वर्तमान में जिले में किन्नू से जुड़ी जो इकाइयां कार्यरत हैं, उनमें केवल वैक्सीन का काम होता है, जिससे किन्नू को लंबे समय तक ताजा और चमकदार बनाए रखा जाता है।

किसानों को मिलेगा लाभ

प्रोसेसिंग प्लांट लगने से सबसे बड़ा लाभ किन्नू उत्पादक किसानों को मिलेगा। अभी ए ग्रेड का किन्नू तो आसानी से बाजार में बिक जाता है और निर्यात भी होता है, लेकिन बी और सी ग्रेड के किन्नू को बेचने में किसानों को भारी परेशानी होती है। कई बार मजबूरी में किसान इस ग्रेड का किन्नू फेंक देते हैं। प्रोसेसिंग प्लांट शुरू होने के बाद बी और सी ग्रेड का किन्नू भी खरीदा जाएगा, जिससे किसानों को इसकी उचित कीमत मिल सकेगी।

यह उत्पाद बन सकेंगे

किन्नू पल्प का उपयोग मुरब्बा, फ्रूट केक, हलवा, कैंडी, चटनी, हाई फाइबर सेवई, वर्मीसेली और विभिन्न स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थों के निर्माण में किया जा सकता है। यह फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। इसके अलावा किन्नू के छिलकों से पर्यावरण के अनुकूल बायोएंजाइम तैयार करने की भी संभावनाएं हैं।

इनका कहना है

श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना में श्रीगंगानगर जिले के लिए किन्नू प्रोसेसिंग प्लांट की मंजूरी मिली है। इसके लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। उद्यान विभाग की देखरेख में यह प्लांट लगाया जाएगा।
-डॉ. मंजू, जिला कलक्टर

किन्नू प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इससे किन्नू उत्पादक किसानों को बड़ा फायदा होगा। फिलहाल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
-प्रीति बाला, सहायक निदेशक, उद्यान श्रीगंगानगर

संबंधित खबरें