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फिरोजपुर फीडर नहरबंदी पर किसानों का आक्रोश,रबी फसलों पर मंडराया संकट

21 जनवरी से 35 दिन की नहरबंदी, नहर सफाई शुरू नहीं होने से सिंचाई व्यवस्था पर सवाल

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श्रीगंगानगर.फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण के लिए पंजाब का जल संसाधन विभाग 21 जनवरी से 35 दिन की नहरबंदी ले रहा है,लेकिन हुसैनीवाला हैड से पुरानी बीकानेर कैनाल की सफाई का कार्य अब तक शुरू नहीं होने से किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। इसको लेकर शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने नई धानमंडी स्थित व्यापार मंडल भवन में प्रेसवार्ता कर विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

नहर की सफाई को लेकर कोई ठोस पहल नहीं

मोर्चा नेताओं ने कहा कि जब तक नहर और लिंक नहर की पूरी तरह सफाई नहीं होगी,तब तक खखा हैड पर 1500 क्यूसेक सिंचाई पानी पहुंचाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले दिन से ही नहरबंदी की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जा रही थी, लेकिन विभाग ने मौके पर आकर अब नहरबंदी की घोषणा कर दी। वर्तमान में हुसैनीवाला हैड पर केवल गेटों की मरम्मत का कार्य चल रहा है,जबकि नहर की सफाई को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

किसानों की फसलों को बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए

संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों में रमन रंधावा, दिलबाग सिंह,गुरलाल सिंह बराड़, मुकेश कुमार, सुखवीर सिंह फौजी, जगदीप सिंह और विनोद जाखड़ ने कहा कि यदि समय पर सिंचाई पानी नहीं मिला तो रबी सीजन में गेहूं, जौ, सरसों और चना जैसी प्रमुख फसलें बर्बाद हो जाएंगी। मोर्चा ने आरोप लगाया कि नहरबंदी के दौरान मुश्किल से 700-800 क्यूसेक पानी मिलेगा, उसमें भी बंदरबांट की आशंका है, जिससे आम किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। रमन रंधावा ने कहा कि किसान फिरोजपुर फीडर का निर्माण भी चाहते हैं,लेकिन साथ ही क्षेत्र के किसानों की फसलों को बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।

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