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तीन सीईओ बदल गए, सांसद ने भी बैठक ली…नहीं मिला आपातकालीन गेट

गणगौरी अस्पताल के विस्तार की कवायद एक आपातकालीन गेट के न होने से अटकी हुई है। गेट निकालने के लिए पूर्व में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तीन सीईओ प्रयास कर चुके हैं। सीईओ रहे अभिषेक सुराणा, अरुण कुमार हसीजा और निधि पटेल ने गेट के लिए प्रयास किए।

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जयपुर. गणगौरी अस्पताल के विस्तार की कवायद एक आपातकालीन गेट के न होने से अटकी हुई है। गेट निकालने के लिए पूर्व में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तीन सीईओ प्रयास कर चुके हैं। सीईओ रहे अभिषेक सुराणा, अरुण कुमार हसीजा और निधि पटेल ने गेट के लिए प्रयास किए। इतना ही नहीं, सांसद मंजू शर्मा ने भी स्मार्ट सिटी और क्रीड़ा परिषद के अधिकारियों के साथ बैठक की।

दरअसल, स्मार्ट सिटी के अधिकारियों और चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों का तर्क है कि इमरजेंसी सेवा के मरीजों के लिए अलग गेट की जरूरत है। इससे उन्हें कम समय में उपचार मिल सकेगा। लेकिन, क्रीड़ा परिषद अपने परिसर में मरीजों को प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहा है।

राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को स्मार्ट सिटी सीईओ गौरव सैनी ने अधिकारियों से साथ चर्चा की। सीईओ ने बताया कि जल्द ही विभागों से समन्वय कर गेट के लिए रास्ता लिया जाएगा।

ये है विवाद

क्रीड़ा परिषद के अधिकारी अस्पताल के विस्तार के लिए गेट की अनुमति स्टेडियम की ओर से नहीं देना चाहते। पूर्व की बैठकों में यह बात सामने आई है कि यदि मरीजों की आवाजाही स्टेडियम की ओर से होगी तो खिलाडि़यों पर असर पड़ेगा।

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