
जयपुर। प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पदों पर जल्द चिकित्सक लगाए जाएंगे। इन पदों को अधिशेष एवं एपीओ चल रहे चिकित्सकों से भरा जाएगा। इसमें सीमावर्ती एवं जनजाति जिलों को प्राथमिकता दी जाएगी। एफआरयू एवं ट्रॉमा सेंटर में भी प्राथमिकता के साथ विशेषज्ञ लगाकर इन्हें क्रियाशील किया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने स्वास्थ्य भवन में सोमवार को आयोजित बैठक में सभी जिलों में संचालित ट्रॉमा सेंटर, जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर आवश्यकता अनुरूप चिकित्सकों के पदस्थापन के निर्देश दिए। सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बात कर उन्होंने चिकित्सकों की आवश्यकता पर चर्चा की। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि ओपीडी- आईपीडी में मरीजों के भार को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों की आवश्यकता की जानकारी तत्काल भेजें। ताकि अत्यधिक आवश्यकता वाले स्थानों पर जल्द चिकित्सकों का पदस्थापन किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि स्थानांतरण उपरांत निर्धारित अवधि में चिकित्सक ज्वाइन करें। आदेश की अवहेलना करने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। खींवसर ने प्रत्येक विधानसभा में मॉडल सीएचसी एवं बीपीएचयू की मैपिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मॉडल सीएचसी के कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए, ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।
Published on:
19 Jan 2026 07:40 pm
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