1 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कूनो के गेट पर रोके गए राज्यमंत्री, कहा- आदिवासी हूं, इसलिए नहीं दिया आमंत्रण!

MP News: चीता रिलीज कार्यक्रम में भाजपा से जुड़े कई नेता पालपुर क्षेत्र में नजर आए, लेकिन कई बड़े नेताओं को कूनो गेट पर रोक दिया गया जिसके बाद राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त नेता ने भेदभाव के आरोप लगाए।

2 min read
Google source verification
Minister of State rank sitaram adiwasi Stopped at Kuno national park Gate mp news

Minister of State rank sitaram adiwasi Stopped at Kuno gate (फोटो- Patrika.com)

MP News: श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में शनिवार को हुए चीता रिलीज कार्यक्रम में भाजपा से जुड़े कई नेता पालपुर क्षेत्र में नजर आए, लेकिन कई बड़े नेताओं को कूनो गेट से ही प्रवेश नहीं मिलने की चर्चाएं रही। इसी तरह का मामला सहरिया विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) सीताराम आदिवासी को भी प्रवेश नही मिलने का मामला सामने आया। जिसमे कूनो के गेट पर उन्हें और उनके साथ गाड़ी में मौजूद 3-4 समर्थको को पुलिस ने जाने से रोक दिया। इस दौरान सीताराम आदिवासी ने आरोप लगाया कि मैं आदिवासी हूं, इसलिए न तो मुझे कोई आमंत्रण दिया गया और अब यहां गेट से भी नहीं जाने दिया। जबकि मेरे साथ तो 2-3 लोग ही हैं, कई लोग तो बिना सूची में नाम होने के बावजूद घुस गए हैं।

जिपं अध्यक्ष को भी नहीं मिली एंट्री

वहीं बताया गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई आदिवासी भी उनके पति के साथ ने गाड़ी से पहुंची, लेकिन उनके पति को प्रवेश नहीं दिया गया तो वे भी वापस लौट गई। इसके साथ ही विजयपुर क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक मुकेश मल्होत्रा भी आरोप लगाया कि मेरे क्षेत्र में कार्यक्रम होने के बाद भी मुझे आमंत्रित नहीं किया गया।

इधर भीतर नजर आई छुटभैयों की भीड़

कूनो नेशनल पार्क के पालपुर क्षेत्र में जहां हेलीपेड बनाए और जहां बाड़ों में चीतों को रिलीज किया गया, वहीं कई छुटभैये नेता भी बेरोकटोक नजर आए। इन छुटभैयों ने सोशल मीडिया पर अपने फोटोज भी शेयर किए। जबकि प्रोटोकॉल के तहत कुछ नेता ही सूचीबद्ध थे।

मैं इस क्षेत्र से विधायक रह चुका हूं और अभी राज्यमंत्री का दर्जा है. उसके बाद भी मुझे बुलाया नहीं और वहां गए तो भीतर नहीं जाने दिया। मैं आदिवासी हूं इसलिए मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है। मैं इसकी शिकायत शासन और संगठन स्तर पर करूंगा।- सीताराम आदिवासी, उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) सहरिया विकास (MP News)