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सोलर फेंसिंग में फंस गया था जबड़ा, करंट के लगातार प्रवाह से मादा बाघ की मौत

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 16 दिन में तीसरे बाघ की मौत, जांच में जुटा प्रबंधन

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शहडोल/उमरिया. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे राजस्व क्षेत्र में खेत की सुरक्षा के लिए लगाई गई सोलर फेंसिंग में दौड़ रहे करंट ने एक और मादा बाघ की जान ले ली। बताया जा रहा है कि 5 वर्षीय मादा बाघ का जबड़ा सोल फेंसिंग में फंस गया था और लगातार करंट के प्रवाह की वजह से उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को मिले मादा बाघ के शव का सक्षम वन्य चिकित्सकों की उपस्थिति में विस्तृत पोस्टमॉर्टम किया गया। जांच के लिए नमूना संकलन कर लिया गया है। आवश्यक कार्रवाई उपरांत शवदाह की कार्रवाई की गई।

क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने बताया कि निजी राजस्व क्षेत्र, ग्राम पुटपुरा, धमोखर बफर के बीट पिपरिया के पीएफ 112 से लगभग 700 मीटर दूर मादा बाघ का शव मिला था। उम्र 4 से 5 वर्ष है। सूचना मिलते ही विभागीय अमला मौके पर पहुंचा। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की गई। संभावित मृत्यु का कारण सोलर फेंसिंग में उलझने से लगातार विद्युत प्रवाह बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी प्राप्त होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया तथा वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के निर्देशानुसार प्रक्रियाएं शुरू की गईं। मृत बाघ का पंचनामा तैयार कर स्थल संरक्षण किया गया। डॉग स्क्वाड से शव तथा स्थल की जांच कराई गई साथ ही मेटल डिटेक्टर से शव की जांच की गई।

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