30 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहडोल, Feb 05, 2026

फाइलों में दफन 2349 करोड़ का सपना, तकनीकी जांच के भंवर में फंसी 4 बड़ी सिंचाई परियोजनाएं

15 नवंबर 2024 को मुयमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल प्रवास के दौरान बाणसागर के पानी को सिंचाई और पेयजल के लिए उपलब्ध कराने का वादा किया था। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने सोन नदी पर 4 बैराज बनाने का खाका तैयार किया। हालांकि, एक साल बीत जाने और जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला द्वारा 9 जनवरी की बैठक में कड़े निर्देश दिए जाने के बाद भी फाइलें तकनीकी पहलुओं की जांच के नाम पर दबी हुई हैं।

शहडोल। मुयमंत्री की घोषणा और प्रभारी मंत्री के आश्वासनों के बावजूद शहडोल जिले की किस्मत बदलने वाली चार बड़ी माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं 'लालफीताशाही' का शिकार हो रही हैं। 2349 करोड़ रुपए की यह महत्वाकांक्षी योजनाएं पिछले एक साल से तकनीकी शाखा में अटकी हुई हैं। यदि इन्हें मंजूरी मिलती है, तो जिले के 122 गांवों की 50 हजार हेक्टेयर प्यासी भूमि को संजीवनी मिलेगी।

घोषणा हुई, वादे हुए पर मंजूरी अब भी दूर :

15 नवंबर 2024 को मुयमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल प्रवास के दौरान बाणसागर के पानी को सिंचाई और पेयजल के लिए उपलब्ध कराने का वादा किया था। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने सोन नदी पर 4 बैराज बनाने का खाका तैयार किया। हालांकि, एक साल बीत जाने और जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला द्वारा 9 जनवरी की बैठक में कड़े निर्देश दिए जाने के बाद भी फाइलें तकनीकी पहलुओं की जांच के नाम पर दबी हुई हैं।

प्रशासनिक सुस्ती पर उठते सवाल :

प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने एक महीने पहले भोपाल के अधिकारियों को जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। तकनीकी शाखा में अटके इन प्रस्तावों के कारण न केवल लागत बढऩे की आशंका है, बल्कि किसानों का धैर्य भी जवाब दे रहा है।

क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट :

50 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित होने से जिले के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी होगी। 13 मिलियन घन मीटर पानी विशेष रूप से पीने के लिए आरक्षित किया गया है। सोन नदी पर 4 बैराज बनने से जलस्तर में सुधार होगा और जल भराव क्षमता बढ़ेगी।

परियोजनाओं का लेखा-जोखा एक नजर में
इन परियोजनाओं के जरिए कुल 147.06 मिलियन घन मीटर पानी का संग्रहण होगा, जिससे न केवल खेतों की प्यास बुझेगी, बल्कि पेयजल संकट भी दूर होगा।

परियोजना का नाम प्रस्तावित स्थान लाभान्वित गांव सिंचाई क्षमता (हेक्टेयर) अनुमानित लागत
जयसिंहनगर परियोजना मसीरा ग्राम 50 गांव 17,100 883.96 करोड़
शहडोल सूक्ष्म सिंचाई रोहनिया ग्राम 22 गांव 10,100 497.24 करोड़
बुढ़ार सूक्ष सिंचाई नदना ग्राम 30 गांव 12,900 487.68 करोड़
गोहपारू सूक्ष्म सिंचाई बुचक ग्राम 20 गांव 9,900 480.29 करोड़

इनका कहना है
जिले में चार माइक्रो सिंचाई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। भोपाल स्तर पर परियाजनोओं की स्वीकृति के प्रक्रिया चल रही है। तकनीकी शाखा से सभी आवश्यक परीक्षण के बाद ही इन्हे स्वीकृति मिल पाएगी।
प्रतीक खरे, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग शहडोल

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें