सवाई माधोपुर, May 29, 2026

आरोपी गणेश उर्फ दिलखुश सैनी। फोटो: पत्रिका
सवाईमाधोपुर। राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक युवक सगाई की बधाई पोस्टों से जानकारी निकालकर लड़की की आवाज में साली बनकर ठगी की वारदात को अंजाम देता था। कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में शातिर ठग को बारां से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में जुटी हुई है कि वह कितनों लोगों के साथ ठगी कर चुका है।
थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि आरोपी गणेश उर्फ दिलखुश सैनी निवासी कुश्तला है। उन्होंने बताया कि 2 अप्रेल को पुलिस अधीक्षक कार्यालय को संदिग्ध खाते की सूची मिली थी। बैंक रिकॉर्ड की जांच में आरोपियों के खातों पर साइबर पोर्टल 1930 की कुल 10 शिकायतें दर्ज मिलीं। इस पर 27 अप्रेल को प्रकरण दर्ज कर आरोपी नरेन्द्र सैनी को गिरफ्तार किया था। वहीं, दूसरा आरोपी गणेश उर्फ दिलखुश सैनी घटना के बाद से फरार था। जिसे 28 मई को बारां से गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गणेश पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सगाई की बधाई पोस्टों को खंगालता था। फिर सोशल मीडिया पोस्टों से परिवार और रिश्तेदारों के बारे में जानकारी निकालता था। इसके बाद लोगों को झांसे में लेकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देता था।
सोशल मीडिया से जानकारी हासिल करने के बाद आरोपी लड़की की आवाज में फोन करता और मीठी-मीठी बातें करता था। वह कहता था कि जीजाजी, मैं आपकी साली बोल रही हूं। इसके बाद लोगों को अपने जाल में फंसा लेता था। शातिर साइबर ठग रिश्ता तुड़वाने की भी धमकी देता था।
इधर, मानटाउन थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर पैसे दोगुना करने का झांसा देने वाले ठग को गिरफ्तार किया। थानाधिकारी सुनील गुप्ता ने बताया कि आरोपी विकास कुमार पुत्र बाबूलाल मीना निवासी मऊ है। आरोपी ने फर्जी चैनल बनाकर लोगों को '2000 के बदले 8000', '10000 के बदले 40000' और '50000 के बदले 2 लाख रुपए मात्र 45 से 60 मिनट में देने का लालच दिया। पुलिस ने टीम गठित कर आरोपी को आदर्श नगर से दबोच लिया।
आरोपी ने शुशांत अरोड़ा और 'मनी अर्निंग' नाम से फर्जी चैनल बनाए थे। इन चैनलों पर पैसे दोगुना करने के झूठे प्रस्ताव डाले जाते थे। ग्राहकों को विश्वास दिलाने के लिए आरोपी 'व्यापार' ऐप के जरिए नकली भुगतान हस्तांतरण के चित्र तैयार करता था।
जब कोई पीड़ित झांसे में आकर निवेश करता, तो आरोपी उससे वस्तु एवं सेवा कर शुल्क, निकासी शुल्क और कमीशन शुल्क के नाम पर और पैसे ऐंठ लेता था। रकम मिलने के बाद आरोपी पीड़ित को रोक देता था। राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर जांच में आरोपी के खिलाफ पहले से ही एक शिकायत दर्ज मिली, जिसमें बैंगलोर निवासी मोहम्मद अब्दुर रज्जाक से इसी प्रकार ठगी की थी।
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Published on: 29 May 2026 12:15 pm

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