
MP News: मध्यप्रदेश के मैहर जिले में संचालनालय की मिलीभगत से बिना काम किए 2 करोड़ रुपए से ज्यादा के भुगतान मामले में पत्रिका के खुलासे से लोक शिक्षण संचालनालय में हड़कम्प मच गया है। संचालक लोक शिक्षण ने डीईओ सतना और बीईओ रामनगर से इस मामले में प्रतिवेदन तलब किया है।
इस मामले में कलेक्टर मैहर ने प्रथम दृष्टया बीईओ रामनगर संतोष सिंह को दोषी माना है और उनके निलंबन का प्रस्ताव संभागायुक्त रीवा को भेजा है। इधर मामले में नया खुलासा यह भी हुआ है कि स्कूलों के सुदृढ़ीकरण और निर्माण संबंधी जो प्रस्ताव संचालनालय को बीईओ ने भेजे थे थे संचालनालय से उन्हें बदल दिया गया। संयुक्त संचालक वित्त राजेश मौर्य ने अपनी मर्जी के अन्य निर्माण कार्य स्वीकृत कर राशि जारी की और इसके बाद भोपाल से ही ठेका कंपनी वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर इन स्कूलों में पहुंच गई और फिर इसी को बिना काम किए ही भुगतान हो गया।
जानकारी के अनुसार पत्रिका की खबर को संज्ञान में लेते हुए संचालक लोक शिक्षण डीएस कुशवाह ने डीईओ सतना और बीईओ रामनगर को पत्र लिखा है। पत्रिका की खबर भेजते हुए कहा गया है कि इन 13 विद्यालयों में हुए काम का तथ्यात्मक प्रतिवेदन सहपत्रों के साथ आज ही उपलब्ध करवाए।
हालांकि, अभी बीईओ द्वारा डीईओ कार्यालय को इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की वजह से प्रतिवेदन तैयार नहीं हो सका है। क्योंकि इस पूरे कार्य से संचालनालय की भवन और वित्त शाखा ने डीईओ कार्यालय को अलग कर रखा था। हद तो यह थी कि इस संबंध में कोई पत्र तक डीईओ को नहीं दिया गया।
जानकारी के अनुसार, बीईओ ने स्कूलों से निर्माण संबंधी प्रस्ताव चाहे थे। बीईओ ने जनपद शिक्षा केन्द्र के उपयंत्री और जिला शिक्षा केन्द्र के सहायक यंत्री से प्राक्कलन तैयार कर संचालनालय भेजा, लेकिन संयुक्त संचालक ने बदलाव कर मनमानी कार्य स्वीकृत किए। मसलन हाईस्कूल सुलखमा के प्राचार्य ने भवन की छत से पानी का रिसाव होने और भवन की कमी का प्रस्ताव भेजा, जिसके आधार पर बीईओ ने छत-भवन की मरम्मत और अतिरिक्त कक्ष का प्रस्ताव 24.65 लाख के स्टीमेट के साथ भेजा, लेकिन संयुक्त संचालक राजेश मौर्य ने सुलखमा विद्यालय को साइकिल स्टैंड, पार्किंग शेड और लघु निर्माण कार्य कराने की स्वीकृति देते हुए 24.65 लाख का आवंटन जारी किया।
जैसे ही आवंटन आदेश सुलखमा पहुंचा उसके तीन दिन में भोपाल से से कंपनी वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर भी यहां पहुंच गई और उसने कार्यादेश 1 ही दिन में हासिल कर लिया और इसके दो दिन बाद बिल भी लगा बिना काम किए भुगतान लेकर चलती बनी।
संभागायुक्त को रामनगर साथ ही संभाग स्तर से इस मामले की जांच के लिए टीम गठित करने मनगर बीईओ के निलंबन का प्रस्ताव भेजा है। का भी प्रस्ताव भेजा गया है।- रानी बाटड, कलेक्टर मैहर
Updated on:
24 Jan 2026 04:29 pm
Published on:
24 Jan 2026 04:04 pm
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