
किसी की धमकी से नहीं रुकेगी फिल्म: ‘कल्कि संभल’ | Image - X/@AmitJaniIND
Kalki Film Controversy Sambhal: संभल में प्रस्तावित फिल्म ‘कल्कि संभल’ को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में विवाद तेज हो गया है। फिल्म के पोस्टर रिलीज होते ही इसके विरोध में बयानबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद फिल्म प्रोड्यूसर अमित जानी ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। उनका कहना है कि फिल्म की शूटिंग होगी या नहीं, इसका फैसला किसी व्यक्ति या संगठन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार करेगी।
मीडिया से बातचीत में अमित जानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और शूटिंग से जुड़ा हर निर्णय सरकार के नियमों और अनुमति के आधार पर होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई व्यक्ति खुद को कानून से ऊपर समझता है। अमित जानी ने कहा कि इससे पहले भी कई फिल्मों का विरोध हुआ, लेकिन वे बनीं और रिलीज हुईं, और ‘कल्कि संभल’ भी उसी तरह बनेगी।
फिल्म ‘कल्कि संभल’ की कहानी संभल में हुए 1978 के दंगों और 24 नवंबर 2024 की हिंसा की घटनाओं पर आधारित बताई जा रही है। 2 फरवरी को जारी पोस्टर में ‘अब्बाजान’ और ‘भाईजान’ नाम के दो प्रमुख किरदारों का खुलासा किया गया, जिन्हें विजय राज और महेश मांजरेकर निभा रहे हैं। पोस्टर सामने आते ही फिल्म को लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने फिल्म की शूटिंग को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि ऐसी फिल्म सौहार्द बिगाड़ सकती है और संभल में शूटिंग नहीं होने दी जाएगी। इसी बयान को लेकर विवाद और तेज हो गया।
अमित जानी ने ममलूकुर्रहमान के बयान को “दंगाई भाषा” करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की धमकियां देना कानून व्यवस्था के लिए खतरा है। जानी ने आरोप लगाया कि पहले भी ऐसे ही बयानों के बाद संभल में तनाव और हिंसा देखने को मिली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे बयानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लीगल नोटिस भेजा जा रहा है।
प्रोड्यूसर ने कहा कि अगर किसी को आपत्ति है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाए। कोर्ट जाने से उन्हें कोई समस्या नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी कई फिल्में कोर्ट में चुनौती दी गईं, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत उनका समाधान हुआ।
अमित जानी ने दो टूक कहा कि फिल्म की शूटिंग संभल में ही होगी। उन्होंने कहा कि डराने-धमकाने से न वे पीछे हटेंगे और न ही उनकी टीम। फिल्म का शुभारंभ भी संभल में ही किया जाएगा और इसे रोकने की किसी में ताकत नहीं है।
प्रोड्यूसर ने बताया कि अभी फिल्म के सिर्फ दो किरदारों का खुलासा हुआ है, जबकि कई अहम पात्रों का रिवील होना बाकी है। इनमें प्रशासनिक अधिकारी और अन्य चर्चित चेहरे भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे किरदार सामने आएंगे, कहानी की परतें भी खुलेंगी।
अमित जानी ने कहा कि फिल्म में वही दिखाया जाएगा जो संभल में घटित हुआ। अगर किसी को आपत्ति है तो उसे कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों, कलाकारों और निर्देशक को इस फिल्म से कोई आपत्ति नहीं है।
प्रोड्यूसर ने बताया कि उत्तर प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिए सरकार से अनुमति ली जाती है और सुरक्षा भी मुहैया कराई जाती है। राज्य में फिल्म सिटी का निर्माण इसी उद्देश्य से हो रहा है ताकि निर्माता-निर्देशक बिना दबाव काम कर सकें। उन्होंने कहा कि धमकियों के सहारे विकास और कला को नहीं रोका जा सकता।
ममलूकुर्रहमान बर्क ने कहा कि ऐसी फिल्में माहौल खराब कर सकती हैं और जब मामला अदालत में विचाराधीन है, तब फिल्म बनाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने 1978 के दंगों को लेकर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उस समय हिंसा की शुरुआत गैर-मुस्लिम व्यक्ति द्वारा की गई थी।
ममलूकुर्रहमान ने स्पष्ट किया कि 24 नवंबर 2024 की घटना के समय जियाउर्रहमान बर्क संभल में नहीं थे, बल्कि केरल में एक बैठक में शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस बात की पुष्टि सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी कर चुके हैं।
Published on:
06 Feb 2026 04:44 pm
बड़ी खबरें
View Allसम्भल
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
