
फब्बारा तोड़कर लगाया गया हाइमास्ट लाइट का खंभा
बीना. नगर पालिका के बिना योजना के शहर में होने वाले कार्यों से शासकीय राशि बर्बाद हो रही है। पहले निर्माण कराया जाता है और फिर तोड़कर दूसरा कार्य किया जाता है। यदि पहले ही सही जगह कार्य हो, तो बाद में परेशानी नहीं होगी।
नईबस्ती में रोड की बीच में डिवाइडर के पास दो साल पहले फब्बारा लगाया गया था और जनप्रतिनिधियों ने इसका शुभारंभ किया था। कुछ दिनों तक फब्बारा चालू रहने के बाद बंद हो गया और फिर इसके सुधारने की सुध नगर पालिका ने नहीं ली। अब सडक़ चौड़ी करने के लिए इसे तोड़ दिया गया है और हाइमास्ट लाइट का खंभा लगा दिया गया है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ जब पहले कार्य किया गया हो और फिर उसे तोड़ा गया हो। कुछ वर्ष पूर्व खिमलासा रोड पर डिवाइडर के बीच स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं थीं, जबकि यहां ब्रिज का निर्माण होना था। ब्रिज का निर्माण शुरू होते ही स्ट्रीट लाइटों को निकालना पड़ा। इसी रोड पर सेल्फी पॉइंट बनाया गया था, जिसे हटा दिया गया, जो फिर दूसरी जगह नहीं लगाया गया है। बेलई तिराहा स्थित पुराने टे्रचिंग ग्राउंड पर हाइमास्ट लाइट लगाई गई है, जो आज तक नहीं जली और न ही उसका कोई औचित्य है। इन कार्यों में सिर्फ रुपयों की बर्बादी की जाती है। यदि योजना बनाकर कार्य किया जाए, तो तोड़पफोड़ करने की जरूरत नहीं होगी।
सुधार के लिए हुए टेंडर जारी
अभी शहर में आंबेडकर तिराहा, गांधी चौक और नानक वार्ड स्थित पार्क में फब्बारे लगे हैं, जो बंद हैं। इनके सुधार के लिए नगर पालिका ने टेंडर जारी किया है। सुधार के बाद भी नियमित देखभाल न होने से यह कुछ दिनों में ही बंद हो जाते हैं। साथ ही आंबेडकर तिराहे पर फब्बारे की पानी निकासी सही न होने से सडक़ पर पानी बहता रहता है।
Published on:
06 Feb 2026 11:59 am
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