सागर, Jun 04, 2026

बैठक में रिफाइनरी विस्तार के प्रोजेक्ट को देखती हुर्ईं कलेक्टर। (फोटो-सागर कलेक्टर एक्स)
बीना। सागरजिले में औद्योगिक विकास, उनमें आ रही समस्याओं को दूर करने और बीपीसीएल बीना रिफाइनरी की विस्तार परियोजनाओं की समीक्षा के लिए बुधवार को रिफाइनरी परिसर में कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
कलेक्टर ने रिफाइनरी विस्तार को चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएसआर के कार्यों की समीक्षा करते हुए उसके अंतर्गत होने वाली गतिविधियों को अधिक पारदर्शी और जनोपयोगी बनाने के लिए जल्द जिला स्तरीय सीएसआर समिति की बैठक करने के निर्देश दिए।
वहीं, स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने वर्तमान में प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट की वास्तविक स्थिति जानी। साथ ही उन्होंने रिफाइनरी प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में केवल वही प्रशिक्षण दिए जाएं, जो सीधे रोजगार या स्वरोजगार से जुड़े हों और युवाओं का शत-प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित हो सके। रिफाइनरी विस्तार के लिए होने वाले भू-अर्जन को लेकर कलेक्टर ने बताया कि अपेक्षित भू-अर्जन हो चुका है और जो छोटा हिस्सा रहा गया है उसकी प्रक्रिया भी जल्द पूर्ण हो जाएगी।
नो-डलवपमेंट एरिया के सवाल पर कलेक्टर ने कहा कि गाइडलाइन क्लीयर है और इस एरिया में जो भी अतिक्रमण या निर्माण हो रहे हैं उसको लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसके लिए दो-तीन दिन का समय दिया गया है, जिसमें यह तय होगा कि आगे क्या कार्रवाई हो सकती है। कलेक्टर ने कहा कि उद्योग आने के बाद क्या चुनौतियां हैं और लोगों को कोई असुविधा न हो इसका ध्यान रखा जाएगा।
बैठक में रिफाइनरी के लिए यातायात सुगम बनाने के लिए आगासौद मार्ग व खिमलासा फाटक पर हो रहे ब्रिज निर्माण के संबंध में चर्चा की गई। मालथौन से मेलुआ चौराहा तक फोरलेन सडक़ निर्माण की मांग पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए। भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए रेलवे ओवरब्रिज के शीघ्र निर्माण के लिए रेलवे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने को कहा।
एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक प्रतुलचंद्र सिन्हा ने जिले में औद्योगिक क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्र सिदगुंवा और आईआईडी बीना सफलतापूर्वक संचालित हैं। साथ ही नए औद्योगिक क्षेत्र मासवासी ग्रांट और करमपुर के विकास को लेकर भी रूपरेखा बताई। कलेक्टर ने मासवासी ग्रांट, करमपुर और छेवला देवरी के भूमि आवंटन और भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक विकास से जुड़े भूमि आवंटन के सभी मामलों में आ रही कानूनी व प्रशासनिक अड़चनों को दूर कर शीघ्र बेदखली व हस्तांतरण की वैधानिक कार्रवाई पूर्ण की जाए, ताकि निवेश के काम में कोई देरी न हो।
बैठक में नए औद्योगिक क्षेत्रों को भविष्य में पानी की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यकारी संचालक ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र मासवासी ग्रांट में 100 एमएलडी पानीकी आवश्यकता होगी। इसी प्रकार करमपुर और छेवला देवरी के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 3-3 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग एवं जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों के लिए पानी की उपलब्धता का सटीक आंकलन करें और जल आवंटन की संभावनाओं को तलाशते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए।
औद्योगिक क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बैठक में सबस्टेशन की स्थापना पर भी चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में 232 केवीए और 132 केवीए के बिजली सबस्टेशनों की आवश्यकता को देखते हुए कलेक्टर ने संभागीय अभियंता को निर्देश दिए कि वे एमपीआईडीसी के तकनीकी अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से मौका-मुआयना करें। सर्वे के आधार पर जल्द से जल्द तकनीकी एस्टीमेट तैयार कर आवश्यक स्वीकृतियां और अनुमतियां प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी ने भविष्य के उद्योगों के लिए केमिकल जोन के लिए भूमि चिह्नित करने तथा छेवला देवरी में अतिरिक्त 50 हेक्टेयर भूमि आवंटन का मांग रखी। इसपर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एमपीआईडीसी के अधिकारी और संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से निरीक्षण कर उपयुक्त भूमि को जल्द से जल्द चिह्नित कर आवंटन की प्रक्रिया शुरू करें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया, एसडीएम रवीश श्रीवास्तव, अमन मिश्रा, तहसीलदार डॉ. अंबर पंथी, एसडीओपी अजय कुमार सनकत, महाप्रबंधक उद्योग विभाग मंदाकिनी पांडे, बीना रिफाइनरी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केके दास, सीजीएम शिरीष चांडेकर, जीएम रोहित यादव, डीजीएम केपी मिश्रा, सीनियर मैनेजर वी प्रणीथ रेड्डी, प्रोजेक्ट इंचार्ज एएन श्रीराम सहित जिला प्रशासन, राजस्व, बिजली कंपनी और जलप्रदाय विभागों आदि उपस्थित थे।
Updated on: 04 Jun 2026 01:23 pm

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