13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आने वाले सालों में देश के मानचित्र पर आएगा ऐरण, खजुराहो फेस्टिवल जैसा होगा ऐरन महोत्सव, विदेशी लोग भी आएंगे घूमने- गोविंद सिंह

गंगा आरती के साथ शुरू हुआ तीन दिवसीय ऐरण महोत्सव, कलाकारों ने दी प्रस्तुति, शहनाज अख्तर के भजनों ने बांधा समां

2 min read
Google source verification
The three-day Airan Festival began with Ganga Aarti.

ऐरण महोत्सव में प्रस्तुति देते हुए कलाकार

बीना. मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा जिला प्रशासन सागर के सहयोग से ऐतिहासिक स्थल ऐरण में तीन दिवसीय ऐरन महोत्सव का शुभारंभ बुधवार को कैबीनेट मंत्री गोविंद सिंह, विधायक निर्मला सप्रे ने बीना नदी पर गंगा आरती के साथ किया। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने ऐरण महोत्सव कराने की मांग को पूरा करते हुए इसे शुरू किया है और आने वाले सालों में ऐरण देश के मानचित्र पर दिखेगा। साथ ही ऐरन महोत्सव भी खजुराहो फेस्टिवल जैसा होगा और यहां विदेशी लोग घूमने आएगे, जो इतिहास की जानकारी हासिल करेंगे। पर्यटक क्षेत्र बनने से यहां रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जमीन के दामों में वृद्धि होगी और ऐरन शहर बन जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐरन का सांची के स्तूप से संबंध रहा है। सरकार देश के धरोहरों को संवारने का कार्य कर रही है। अयोध्या में भगवन श्रीराम का मंदिर बनाया गया, जिससे अब विदेशी लोग ताजमहल से पहले श्रीराम मंदिर जाते हैं। विधायक ने महोत्सव शुरू करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और इतिहास पर प्रकाश डाला। ऐरण पर शोध करने वाले डॉ. हरीसिंह गौर विवि सागर के डॉ. नागेश ने ऐरण के इतिहास के बारे में बताया और कहा कि ऐरण बुंदेलखंड और देश का सबसे प्राचीन गुप्तकालीन संस्कृति का समृद्ध क्षेत्र है। विवि द्वारा 1875 में कराई गई खुदाई में समुद्रगुप्त का अभिलेख मिला था। यहां ताम्र पाषाण के अवशेष भी मिले हैं। सबसे पहला सति स्तंभ भी ऐरण में ही मिला है। उन्होंने शासन से मांग की है कि ऐरण में निर्माण कार्य हों और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए, हर वर्ष उत्सव हो, क्योंकि भारत बुंदेलखंड का गौरव है। कार्यक्रम पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सविता गोविंद सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, दर्शक उपस्थित थे।

लोगों ने देखी पुरा संपदा, जाना इतिहास
ऐरण महोत्सव के चलते सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे थे और वहां मौजूद पुरा संपदा देखकर इतिहास के बारे में जाना। इस अवसर वहां मेला भी लगाया गया है, जिसमें लोगों ने खरीदी की और बच्चों ने झूला, कचरी का आनंद उठाया।

लगाए गए हैं विभागों के स्टॉल
एसडीएम विजय डेहरिया ने बताया कि ऐरण में विभागों के योजनाओं संबंधी स्टॉल भी लगाए गए हैं, जिससे लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके। दिन में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे और शाम से मुख्य आयोजन हो रहे हैं। आज प्रभारी मंत्री व उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।

भज लो सीताराम लोकगीत पर राई नृत्य किया प्रस्तुत
तय कार्यक्रम के अनुसार सबसे पहले प्रस्तुति गंजबासौदा से आए गोविंद सिंह यादव और उनकी टीम ने राई नृत्य की दी। भज लो सीताराम लोकगीत पर राई नृत्य किया। इसके बाद सागर के जितेन्द्र श्रीवास्तव और उनकी टीम ने बधाई नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। दतिया के दीपशिखा मंच द्वारा हरदौल नाटक की प्रस्तुति दी और अंत में भजन गायिका शहनाज अख्तर ने देर रात तक भजनों की प्रस्तुति देकर समां बांधा। दिन में स्कूली बच्चों ने विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।