
खेत में आड़ी हुई फसल देखते हुए किसान
बीना. मंगलवार की रात तेज हवा के साथ बारिश हुई और कुछ ग्रामों में चना के बराबर ओले भी गिरे, जिससे फसलों को नुकसान हुआ है। हवा और बारिश से चना, मसूर, बटरी की फसल खेतों में बिछ गई है। बुधवार को किसानों ने तहसील में प्रदर्शन किया और तहसीलदार से फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। रात में कुल 4.2 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
जानकारी के अनुसार ढिमरौली, बरमाइन, सेमरखेड़ी, निवोद सहित इस क्षेत्र के अन्य ग्रामों में तेज बारिश के कारण करीब दो मिनट तक ओले गिरे हैं, जिससे फसल टूट गई है और फलिया, फूल को भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा क्षेत्र में बारिश और हवा से भी फसलों को हानि हुई है, जिन ग्रामों में ज्यादा बारिश हुई है, वहां चना, समूर, मटर, तेवड़ा की फसल खेतों में बिछ गई है। भानगढ़ के किसान सुनील कुमार ने बताया कि उनकी छह एकड़ में चना की फसल आड़ी हो गई है, जिससे उत्पादन बहुत कम हो जाएगा। क्योंकि फसल फूल और फलिया पर थी। फसल आड़ी होने से फूल झड़ जाएगा। बरमाइन गांव के प्रेमसिंह ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण मटर फसल की फलियां टूटकर गिर गई हैं। साथ ही फसलों में जहां ओले लगे हैं वहां से फसल टूटकर सूखने लगी है। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को बहुत नुकसान हुआ है।
तत्काल सर्वे कर दिया जाए मुआवजा
किसान नेता इंदर सिंह ने बताया कि बारिश, ओला से फसल आड़ी हो गई है, जिससे उत्पादन कम हो जाएगा। साथ ही कुछ ग्रामों में ओला से मटर की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। तहसीलदार से जल्द से जल्द टीम बनाकर सर्वे कराने की मांग की गई है, जिससे किसानों को मुआवजा मिल सके।
गेहूं की फसल को होगा लाभ
चना, मसूर, मटर, तेवड़ा की फसल को किसान पहले ही पानी दे चुके थे और अब पानी की जरूरत नहीं थी। बारिश होने से इन फसलों को नुकसान हुआ है, लेकिन गेहूं की फसल को लाभ होगा। क्षेत्र में करीब 25 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हुई है।
शासन के आदेश पर होगा सर्वे
क्षेत्र में टीम भेजकर फसलों की जांच कराई गई है, जिसमें फसलें सिर्फ आड़ी हुई हैं, जो अभी फूल पर हैं। कुछ गांवों में बहुत छोटे आकार के ओले गिरे हैं, लेकिन ज्यादा नुकसान नहीं है। यदि शासन से सर्वे के आदेश आते हैं, तो सर्वे कराया जाएगा।
अंबर पंथी, तहसीलदार, बीना
Published on:
29 Jan 2026 11:50 am
बड़ी खबरें
View Allसागर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
