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Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर मंदिर से लौटते वक्त न करें ये बड़ी गलती, वरना रुक सकती है तरक्की

Mahashivratri 2026 पर जानिए मंदिर से लौटते समय कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए। पढ़ें चंद्रमा के घटने-बढ़ने की पौराणिक कथा, दक्ष का श्राप, शिव का वरदान और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का रहस्य।

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भारत

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Manoj Vashisth

Feb 13, 2026

Mahashivratri 2026

Mahashivratri 2026 : शिव मंदिर से लौटते समय रखें इन बातों का ध्यान, बदल सकती है किस्मत (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के दिन शिव मंदिरों में जबरदस्त भीड़ जुटती है। लोग पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग की पूजा करते हैं, जल चढ़ाते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं, और बस यही कामना करते हैं भगवान शिव उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी कर दें। हर कोई अपने-अपने तरीके से भोलेनाथ को खुश करने की कोशिश करता है।

अब एक बात है जो अक्सर लोगों से छूट जाती है। असल में, लगभग 90% लोग जब शिव मंदिर से पूजा करके लौटते हैं, तो एक आम गलती कर बैठते हैं। आप भी शायद अनजाने में यही गलती करते हों।

Mahashivratri 2026: खाली लौटा घर लेकर नहीं आएं

ये गलती लोटे या मटके को लेकर है। पूजा के लिए जो मटका या लोटा आप जल अर्पित करने के लिए मंदिर लेकर जाते हैं, उसे पूजा के बाद खाली वापस नहीं लाना चाहिए। मान्यता है कि खाली मटका घर लाने का मतलब है अपने साथ गरीबी बुलाना। तो जब भी मंदिर से लौटें, उसमें थोड़ा सा जल जरूर छोड़ दें। साथ ही, मंदिर से मिले चावल या फूल, घर लाने के बजाय, वहीं मंदिर के गमले में डाल दें।

पंडितों के मुताबिक, मटके में बचा जल घर लाकर पूरे घर में हल्का-सा छिड़क देना चाहिए। कहते हैं, इससे नकारात्मकता दूर होती है, और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

Mahashivratri 2026: मंदिर से लौटते वक्त कुछ और छोटी-छोटी बातें भी याद रखें

मंदिर की घंटी लौटते समय कभी न बजाएं। घंटी हमेशा मंदिर में प्रवेश करते ही बजानी चाहिए। घर पहुंचते ही सीधे हाथ-पैर न धोएं, बल्कि कुछ देर चुपचाप बैठें। इससे मन शांत होगा और आसपास की एनर्जी भी बेहतर महसूस होगी। मंदिर से मिला प्रसाद या फूलों की माला तुरंत न फेंकें इन्हें थोड़ी देर पूजा स्थान पर रखें, फिर गमले में डाल दें या बहते पानी में प्रवाहित करें। बस, इन पवित्र चीजों को कभी गंदगी में न डालें।

ये नियम सिर्फ शिव मंदिर तक सीमित नहीं हैं, किसी भी देवी-देवता के मंदिर पर लागू होते हैं। तो अगली बार जब मंदिर जाएं, इन बातों का जरूर ध्यान रखें।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।