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कलेक्टर का हस्तक्षेप : 4 नहीं, अब 2 रुपए बढ़ाए दूध के प्रति लीटर दाम

किसानों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा हम फैट के अनुसार दूध देना चाहते है।

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Ratlam Collector

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रतलाम। दूध उत्पादक किसानों ने दिसंबर माह में बैठक कर दाम प्रति लीटर 4 रुपए बढ़ाने का एक तरफा निर्णय लिया था। इस निर्णय का व्यापक विरोध हुआ। इसके बाद कलेक्टर मिशा सिंह ने हस्तक्षेप किया व गुरुवार सुबह दूध उत्पादक किसान, विक्रेताओं को तलब कर लिया। देर तक चली बैठक व सभी की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने सवाल किया, इंदौर, उज्जैन, देवस की तरह फेट अनुसार शुद्ध दूध दिया जा रहा है क्या, इसके बाद सन्नाटा छा गया। बाद में कलेक्टर ने ही कहा 4 रुपए की मूल्य वृद्धि आम व्यक्ति पर मंजूर नहीं है। दोनों पक्ष इसके दाम कम करें। इसके बाद 4 के बजाए 2 रुपए मूल्य वृद्धि करने का निर्णय लिया।

फैट को लेकर बहस हुई

बैठक में कलेक्टर ने कहा दूध के दाम बढ़ाने का निर्णय फैट के अनुसार होता है। जब फैट ही मानक तय अनुसार नहीं है तो दूध के दाम किस तरह से बढ़ाने का निर्णय ले लिया। दूध का सेवन समाज का अंतिम व्यक्ति या उनका बच्चा भी करता है। इतने दाम बढ़ने से सर्वहारा वर्ग के लिए दूध खरीदना मुश्किल हो जाएगा। बगैर ठोस कारण के दाम बढ़ाना गलत है। इसलिए 4 के बजाए 2 रुपए तक बढ़ाना ठीक रहेगा। इसके बाद 58 रुपए प्रति लीटर दाम वाले दूध के दाम 60 रुपए करने का निर्णय लिया।

उत्पादक बोले कारोबारी नहीं खरीदते

बैठक में दूध उत्पादक किसानों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा हम फैट के अनुसार दूध देना चाहते है। हम भी चाहते है शुद्ध दूध बाजार से लेकर घर तक पहुंचे, लेकिन शहर के जो विक्रेता है, वो फेट के अनुसार दूध लेने को तैयार नहीं है। इस पर कलेक्टर ने कहा फेट अनुसार दूध दिया जाए, जो नहीं लेगा, उसकी अलग से जांच करेंगे।

समझे दूध में फैट आपके लिए क्यों जरुरी है

दूध में फैट (वसा) का मतलब दूध में मौजूद प्राकृतिक चिकनाई या वसा की मात्रा है, जिसे प्रतिशत में मापा जाता है; यह दूध को गाढ़ापन, स्वाद और कैलोरी देता है, और घी, मक्खन, मलाई जैसे डेयरी उत्पाद बनाने का आधार है, जो शिशु के पोषण और शरीर के ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण है। यह वजन के हिसाब से दूध में मौजूद वसा का अनुपात होता है। गाय के दूध में 4 से 5 प्रतिशत फैट पाया जाता है। वहीं, भैंस के दूध में 6 से 10 प्रतिशत तक फैट रेट पाया जाता है।

दूध में फैट का मतलब विस्तार से

वसा की मात्रा: यह कुल दूध के वजन के प्रतिशत के रूप में व्यक्त की जाती है, न कि बचे हुए दूध के प्रतिशत के रूप में।

पोषक तत्व: फैट (लिपिड) दूध का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसमें फैटी एसिड, विटामिन और अन्य बायोएक्टिव पदार्थ होते हैं, जो शिशु के मस्तिष्क के विकास और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए आवश्यक हैं।

उत्पादों का आधार: यह वह तत्व है जिससे घी, मक्खन, क्रीम और पनीर जैसे उत्पाद बनाए जाते हैं; जितनी ज़्यादा वसा, उतने ज़्यादा मूल्यवान उत्पाद।

विभिन्न प्रकार: दूध के प्रकार (जैसे फुल क्रीम, टोंड, स्किम्ड) फैट की मात्रा के आधार पर अलग-अलग होते हैं, जो स्वाद और स्वास्थ्य लाभ को प्रभावित करते हैं।

ऊर्जा स्रोत: दूध का फैट शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और वसा में घुलनशील विटामिन (जैसे विटामिन A, D, E, K) के अवशोषण में मदद करता है।