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राजसमंद, May 23, 2026

राजस्थान में पिज्जा-बर्गर के दौर में देसी राबड़ी का जलवा, स्वाद और सेहत दोनों में नंबर वन

Desi Rabdi Health Benefits: आधुनिक दौर में जहां घरों में फास्ट फूड का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं राजसमंद के ग्रामीण अंचलों की रसोई में आज भी परंपरा और देसी स्वाद की महक कायम है। गांवों में छाछ और मोटे अनाज से बनने वाली देसी राबड़ी केवल भोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, मेहनतकश जीवनशैली और स्वास्थ्य का प्रतीक मानी जाती है।

Rajsamand traditional cuisine

गांवों की रसोई में पंरपरा व देसी स्वाद की महक कायम, पत्रिका फोटो

Desi Rabdi Health Benefits: आधुनिक दौर में जहां घरों में फास्ट फूड का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं राजसमंद के ग्रामीण अंचलों की रसोई में आज भी परंपरा और देसी स्वाद की महक कायम है। गांवों में छाछ और मोटे अनाज से बनने वाली देसी राबड़ी केवल भोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, मेहनतकश जीवनशैली और स्वास्थ्य का प्रतीक मानी जाती है।

छाछ और मोटे अनाज के दलिये से तैयार होने वाली यह पारंपरिक राबड़ी पौष्टिकता से भरपूर होती है। बाजरा, मक्का, गेहूं और जौ जैसे मोटे अनाज के दलिये को छाछ में मिलाकर धीमी आंच पर पकाया जाता है। मिट्टी के चूल्हे पर घंटों तक पकने के बाद इसमें मिट्टी की सौंधी खुशबू और देसी स्वाद घुल जाता है, जो इसे खास बना देता है।

गांवों में आज भी कायम है राबड़ी की परंपरा

ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह और दोपहर के भोजन में राबड़ी का विशेष महत्व माना जाता है। किसान और मजदूर वर्ग इसे ताकत देने वाला पारंपरिक आहार मानते हैं। खासकर गर्मियों में यह शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ लंबे समय तक ऊर्जा भी प्रदान करती है। ग्रामीण बुजुर्ग आज भी नई पीढ़ी को राबड़ी बनाने की पारंपरिक विधि सिखा रहे हैं, ताकि गांवों की यह अमूल्य विरासत आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके। हालांकि बदलती जीवनशैली के कारण गांवों में भी इसका प्रचलन धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।

मोटे अनाज से बनती है गुणकारी राबड़ी

विशेषज्ञों के अनुसार बाजरा, जौ और मक्का जैसे मोटे अनाज फाइबर, कैल्शियम और ऊर्जा से भरपूर होते हैं। यह शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं। आज की युवा पीढ़ी जहां पिज्जा, बर्गर और चाऊमीन जैसे फास्ट फूड की ओर आकर्षित हो रही है, वहीं विशेषज्ञ पारंपरिक देसी व्यंजनों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि राबड़ी जैसे पारंपरिक भोजन स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी हैं।

राबड़ी के प्रमुख फायदे

  • शरीर को ठंडक पहुंचाने में सहायक
  • पाचन के लिए लाभकारी
  • गर्मियों में राहत देने वाला पारंपरिक आहार
  • मोटे अनाज से भरपूर ऊर्जा और पोषण
  • देसी खान-पान और ग्रामीण संस्कृति का बेहतरीन उदाहरण

बीमारियों से बचाव में भी सहायक

ग्रामीण बुजुर्गों का मानना है कि राबड़ी का नियमित सेवन शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार होता है। मोटे अनाज और छाछ से तैयार यह पारंपरिक भोजन पाचन सुधारने के साथ शरीर को संतुलित ऊर्जा प्रदान करता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसके सेवन से डायबिटीज टाइप-2, ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्याओं के खतरे को कम करने में भी सहायता मिल सकती है।

ग्रामीण महिलाओं ने बताया पोष्टिक आहार

ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि गांव की पहचान ही देसी खान-पान से है और राबड़ी पोष्टिकता से भरपूर पारंपरिक भोजन है, जो आज भी गांवों की रसोई की शान बना हुआ है।

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