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राजगढ़, May 25, 2026

MP में बन रहा 3035 करोड़ का रेल कॉरिडोर, दो बड़े हाईवे से जुड़ेगा नेटवर्क

Rail Corridor: सड़क और रेल नेटवर्क का यह संगम मध्य प्रदेश के इस शहर को व्यापार, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स का नया केंद्र बना रहा है।

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mega 3035 crore rail corridor is being built in MP (फोटो-Patrika.com)

(रिपोर्ट- लक्ष्मीनारायण यादव, ब्यावरा)

Rail Corridor: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का शहर आने वाले समय में लोजिस्टिक्स और कारोबार का हब बनाने जा रहा है। जिले का ब्यावरा शहर अब सिर्फ हाईवे का चौराहा नहीं रहेगा, बल्कि मध्यभारत के बड़े ट्रांसपोर्ट और कनेक्टिविटी हब के रूप में नई पहचान बनाने जा रहा है। आसमान से देखने पर शहर का विशाल फ्लायओवर, गोलाई में घूमता हाईवे इंटरचेंज और समानांतर गुजरती रेल लाइनें किसी आधुनिक महानगर का दृश्य पेश कर रही हैं।

एमपी से राजस्थान, नार्थ इंडिया और साउथ इंडिया होगा कनेक्ट

एनएच-46 और एनएच-52 के संगम पर स्थित ब्यावरा पहले ही सड़क संपर्क का अहम केंद्र है, जो मध्यप्रदेश को राजस्थान, उत्तर भारत और पश्चिम भारत से जोड़ता है। अब रेल नेटवर्क के विस्तार से शहर की रणनीतिक अहमियत और बढ़ने जा रही है। रुठियाई-मक्सी रेलवे लाइन के साथ विकसित हो रहा भोपाल-रामगंज मंडी रेल कॉरिडोर (Bhopal-Ramganj Mandi rail corridor) ब्यावरा को राजधानी, मालवा और राजस्थान से सीधी रेल कनेक्टिविटी देगा। सड़क और रेल नेटवर्क का यह संगम शहर को व्यापार, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स का नया केंद्र बना रहा है। वहीं, मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल होने के बाद ब्यावरा ही नहीं, पूरे जिले के लिए विकास के नए रास्ते खुलने लगे हैं।

प्रोजेक्ट पर एक नजर

एनएच-752 बी (सुठालिया बायपास)


लागत- 119.90 करोड़
लंबाई- 5.70 किमी (एनएच-46 से लोधीपुरा जोड़ तक)
विशेषता- गोलाई में घूमता हाईवे इंटरचेंज
स्टेटस- आवागमन शुरू (कार्य लगभग पूरा)

एनएच- 46 और 52 ग्रेड सेपरेटेड बायपास

लागत- 66 करोड़
लंबाई- 2.5 किमी ( अरन्या जोड़ से भोपाल बायपास)
विशेषता- फोरलेन सेपरेट, दो अंडरपास, सर्विस रोड
डेडलाइन- मार्च-2027
स्टेटस- निर्माण कार्य जारी (10-15 फीसदी हुआ)

भोपाल- रामगंज मंडी रेल लाइन

लागत- 3035 करोड़ (शुरुआत में लागत 1216 करोड़ थी)
वर्ष- 2000 में स्वीकृति, 2004 में काम शुरू
लंबाई- 276 किमी (कोटा- 165 किमी, भोपाल- 111 किमी ट्रैक की लंबाई)
डेडलाइन- दिसंबर-2026

स्टेटस: 187 किमी ट्रैक तैयार। कोटा जोन का 87 फीसदी काम पूरा (राजगढ़ तक ट्रायल, राजगढ़-ब्यावरा के बीच 20 किमी ट्रैक का काम शेष)। भोपाल जोन में भोपाल से श्यामपुर तक 42 किमी ट्रैक तैयार, कुरावर तक बिछ चुकी लाइन, इधर ब्यावरा से पीपलहेला तक लाइन का काम पूरा।

विशेषता: कोटा जोन का सबसे बड़ा रेलवे बि्रज राजगढ़ दूधी नदी पर

फैक्ट: 27 स्टेशन, जिले में- भोजपुर, खिलचीपुर, राजगढ़, ब्यावरा, सोनकच्छ, नरसिंहगढ़, कुरावर।
(स्रोत- भोपाल और कोटा रेलवे डिवीजन के अनुसार)

भविष्य का उभरता लॉजिस्टिक्स हब

जिलेभर में मजबूत हो रहे सड़क और रेल नेटवर्क का फायदा व्यापार और परिवहन क्षेत्र को मिलेगा। मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल होने से विकास के कई आयाम और खुल जाएंगे। ट्रांसपोर्ट कंपनियां, वेयरहाउस, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन सबके केंद्र में ब्यावरा लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी पहचान बना सकता है। भोपाल-रामगंज मंडी रेललाइन परियोजना भी नई उम्मीद लेकर आगे बढ़ रही है। रेललाइन शुरू होने से कृषि उपज, खाद्यान्न और औद्योगिक सामग्री का परिवहन और तेज होगा। सड़क और रेल के इस दोहरे नेटवर्क का सबसे बड़ा फायदा किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को मिलेगा।

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