
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा कार्यालय ( Photo - Patrika )
CG Board: बोर्ड परीक्षा की अंकसूची में त्रुटि सुधार के लिए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कार्यालय में सैकड़ों छात्र-छात्राएं रोजाना भटक रहे हैं। शिक्षा मंडल की प्रशासनिक लापरवाही का खमियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। कार्यालय पहुंचने वाले अधिकांश छात्रों को सिर्फ 15 दिन बाद आइए कहकर लौटा दिया जाता है।
जानकारों के अनुसार इस समस्या से हजारों विद्यार्थी प्रभावित हैं, जिनमें कुछ पिछले दो-तीन साल से लगातार चक्कर काटने को मजबूर हैं।छात्रों का कहना है कि अंकसूची में नाम, उपनाम, जन्मतिथि अथवा अन्य विवरण में हुई गलती के कारण वे उच्च शिक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। कई मामलों में सुधार प्रक्रिया इतनी लंबी खिंच गई है कि विद्यार्थियों का पूरा शैक्षणिक सत्र ही बर्बाद हो रहा है। अधिकारियों का तर्क है कि पुराने मामलों में दस्तावेजों के सत्यापन में समय लगता है, लेकिन हाल के वर्षों में उत्तीर्ण छात्रों को भी महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
छह माह से लेकर वर्षों तक का इंतजारशिक्षा मंडल कार्यालय में भिलाई की तोमेश्वरी साहू भी अपनी समस्या लेकर पहुंचीं। उन्होंने वर्ष 2024 में 10वीं की परीक्षा पास की थी, लेकिन जारी अंकसूची में उनका उपनाम साहू दर्ज नहीं किया गया। त्रुटि सुधार के लिए उन्होंने अगस्त 2025 में आवेदन किया। पावती देते समय कर्मचारियों ने 15 दिन में सुधार का आश्वासन दिया, लेकिन कई बार कार्यालय आने के बावजूद उन्हें हर बार यही जवाब मिला कि अभी 15 दिन और लगेंगे।
अंकसूची में सुधार न होने के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह एक अन्य छात्र पिछले दो वर्ष से सुधार के लिए मंडल कार्यालय के चक्कर लगा रहा है।तीन माह तक निशुल्क, बाद में शुल्क सहित सुधारछत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अंकसूची, प्रमाण पत्र और माइग्रेशन सर्टिफिकेट में संशोधन के लिए शुल्क व्यवस्था तय कर रखी है। रिजल्ट जारी होने के तीन माह के भीतर आवेदन करने पर त्रुटि सुधार निःशुल्क किया जाता है।
इसके बाद आवेदन करने पर 400 से 600 रुपए तक शुल्क देना पड़ता है, जबकि कुछ मामलों में पेनाल्टी भी ली जाती है।सुधार के लिए विद्यार्थियों को मंडल की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के साथ शपथ पत्र, सभी अंकसूचियों की सत्यापित प्रतियां, पहचान पत्र, दाखिला-खारिज प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है।
आवेदन स्वीकार होने के बाद नई अंकसूची जारी की जाती है।वर्जन विद्यार्थियों की जानकारी शिक्षण संस्थान ही भरते हैं। इसी आधार पर अंकसूची शिक्षा मंडल द्वारा तैयार की जाती है। कुछ प्रकरणों में छात्रों ने अपना मूल दस्तावेज नहीं दिया है जिसके कारण सभी से दस्तावेज मंगवाया जा रहा है। बाकी प्रकरण का निराकरण लगातार किया जा रहा है।मोनिका जय नशीने, उप सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल
Published on:
10 Feb 2026 12:09 am
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