12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

CGPSC भर्ती घोटाले में बड़ा खुलासा! CBI चार्जशीट और सरकारी गवाह ने खोला पेपर लीक का राज़, 60-60 लाख रुपये में खरीदे थे पेपर

CGPSC Recruitment Scam: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में CBI जांच के बीच सरकारी गवाह ‘चंद्राकर’ के चौंकाने वाले बयान सामने आए हैं।

2 min read
Google source verification
CBI चार्जशीट और सरकारी गवाह ने खोला पेपर लीक का राज़(photo-AI)

CBI चार्जशीट और सरकारी गवाह ने खोला पेपर लीक का राज़(photo-AI)

CGPSC Recruitment Scam: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में CBI जांच के बीच सरकारी गवाह ‘चंद्राकर’ के चौंकाने वाले बयान सामने आए हैं। गवाह के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर पद और रसूख का दुरुपयोग किया गया और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने के लिए पेपर लीक जैसी योजनाएं बनाई गई।

CGPSC Recruitment Scam: भारी रकम में तय हुई थी ‘डील’

सरकारी गवाह ने दावा किया कि 2021-22 की परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए 50 से 60 लाख रुपये की डील हुई थी। इसमें तत्कालीन OSD और अन्य रसूखदार पदों पर बैठे लोगों की भूमिका का उल्लेख किया गया। पैसे की डील पक्की होने के बाद पूरी प्रक्रिया योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई।

सिद्धिविनायक मैरिज पैलेस में रातभर रटवाए गए सवाल

गवाह के मुताबिक, परीक्षा से एक दिन पहले 12 फरवरी 2022 को रायपुर स्थित सिद्धिविनायक मैरिज पैलेस में अभ्यर्थियों को प्रिंटेड प्रश्न रटवाए गए। रातभर चलने वाली इस तैयारी में रितेश चंद्राकर, लोकेश चंद्राकर, समीर चंद्राकर, माधुरी साहू सहित कई नाम शामिल थे।

मेन्स परीक्षा में ‘सीक्रेट क्लास’ और रिसॉर्ट में सेटिंग

गवाह ने बताया कि मेन्स परीक्षा में भी कथित रूप से सेटिंग जारी रही। अभ्यर्थियों को बारनवापारा के एक रिसॉर्ट में रखा गया और फर्जी नामों से उनका रजिस्ट्रेशन किया गया। इस दल में कई अन्य अभ्यर्थियों और शिक्षकों के नाम भी शामिल थे।

शिक्षकों को बुलाकर हल करवाए गए पेपर

सरकारी गवाह ने यह भी खुलासा किया कि कुछ शिक्षकों को बुलाकर पेपर हल करवाए गए। आरोपियों में धर्मेन्द्र साहू और परितोष जैसे शिक्षकों के नाम शामिल हैं। यदि यह आरोप सही पाए गए, तो आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ सकते हैं।

CBI चार्जशीट में दर्ज बड़े नाम

CBI की चार्जशीट में कई प्रभावशाली लोगों और उनके रिश्तेदारों का उल्लेख है। आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन और सचिव सहित अन्य लोगों ने पद का उपयोग कर चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया।

मेहनती बेरोजगारों के साथ ‘क्रूर मजाक’

प्रदेश के हजारों युवाओं ने वर्षों तक मेहनत की, लेकिन अब सवाल यह है कि चयन वास्तव में योग्यता के आधार पर हुआ या रसूख के दम पर। सूत्रों के अनुसार, 29 अयोग्य उम्मीदवार प्रीलिम्स में पास हो गए थे, जिनकी वजह से योग्य उम्मीदवारों का रास्ता रोका गया।

आगे की जांच

छात्र संघ और अन्य एजेंसियों की ओर से इन 29 उम्मीदवारों की जांच के लिए EOW या अन्य जांच एजेंसियों को आवेदन दिए जाने की संभावना है। CBI ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।


मकर संक्रांति