
liquor scam case: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा की प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार रहीं सौम्या चौरसिया को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आज कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इससे पहले बुधवार को ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में सौम्या चौरसिया के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट का आवेदन किया था, जिसके बाद उन्हें तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया था। इस दौरान जांच एजेंसी ने उनसे गहन पूछताछ की। जिसके बाद शुक्रवार को पेश किया गया। जहां से सौम्या को 30 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद ईओडब्ल्यू द्वारा गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए सौम्या चौरसिया ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। इस पर 8 जनवरी को हुई सुनवाई में राज्य शासन ने पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। इसके बाद 15 जनवरी को शासन द्वारा पक्ष रखने के पश्चात हाईकोर्ट ने सौम्या चौरसिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
जानें क्या है शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2023 तक शराब नीति को बदलकर चहेते सप्लायरों के माध्यम से शराब घोटाला हुआ। इसमें लाइसेंस की शर्तें ऐसी रखी गई कि चहेती कम्पनियों को काम मिल सके। उन कंपनियों ने नकली होलोग्राम और सील बनवाई। यह काम नोएडा की एक कंपनी ने किया। इसके बाद नकली होलोग्राम लगी शराब की महंगी बोतलें सरकारी दुकानों के माध्यम से बिक्री करवाई गई। चूंकि नकली होलोग्राम था तो बिक्री की जानकारी शासन को नहीं हो पाती थी और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इस तरह से शासन को 2165 करोड़ रुपये के टैक्स का चूना लगाया गया। यह रकम कांग्रेस भवन बनवाने से लेकर नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों तक बटे।
शराब घोटाला मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 आबकारी अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है।
Published on:
17 Jan 2026 02:15 am

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