4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारत-अमेरिका 18% टैरिफ समझौता: छत्तीसगढ़ के स्टील, कृषि और माइनिंग सेक्टर के लिए खुलेंगे नए अवसर

भारत और अमेरिका के बीच 18 प्रतिशत टैरिफ व्यवस्था छत्तीसगढ़ के लिए आर्थिक अवसरों का नया रास्ता खोल सकती है। वैश्विक व्यापार में आ रहे बदलाव के बीच खनिज और उद्योग आधारित राज्य छत्तीसगढ़ को इस व्यवस्था से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। कंपनियां भारत की […]

2 min read
Google source verification
भारत-अमेरिका 18% टैरिफ समझौता: छत्तीसगढ़ के स्टील, कृषि और माइनिंग सेक्टर के लिए खुलेंगे नए अवसर

भारत-अमेरिका 18% टैरिफ समझौता: छत्तीसगढ़ के स्टील, कृषि और माइनिंग सेक्टर के लिए खुलेंगे नए अवसर

भारत और अमेरिका के बीच 18 प्रतिशत टैरिफ व्यवस्था छत्तीसगढ़ के लिए आर्थिक अवसरों का नया रास्ता खोल सकती है। वैश्विक व्यापार में आ रहे बदलाव के बीच खनिज और उद्योग आधारित राज्य छत्तीसगढ़ को इस व्यवस्था से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

कंपनियां भारत की ओर रुख कर सकती

छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य से स्टील, आयरन ओर, एल्युमिनियम, फेरो एलॉय और पावर सेक्टर से जुड़े उत्पादों की देश-विदेश में आपूर्ति होती है। अमेरिका द्वारा कुछ देशों से आयात पर ऊंचा टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में अमेरिकी कंपनियां वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की ओर रुख कर सकती हैं। इसका सीधा लाभ भिलाई स्टील प्लांट सहित राज्य के स्टील और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिल सकता है।

औद्योगिक गति मिलेगी

निर्यात की संभावनाएं बढ़ने से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ने से उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सकारात्मक असर पड़ेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं। कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर भी इस बदलाव से लाभान्वित हो सकता है। छत्तीसगढ़ धान और चावल उत्पादन के लिए जाना जाता है। अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने की स्थिति में राज्य की राइस मिलें, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और वेयरहाउसिंग सेक्टर को मजबूती मिलने की संभावना है। इसके साथ ही वनोपज और हर्बल उत्पादों के निर्यात में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

माइनिंग और टेक्नोलॉजी को मिलेगा बढ़ावा

सीआईआई छत्तीसगढ़ चैप्टर, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) सीजी चैप्टर और अन्य औद्योगिक संगठनों के अनुसार इस टैरिफ व्यवस्था से छत्तीसगढ़ के माइनिंग और मिनरल सेक्टर को भी लाभ मिल सकता है। नई माइनिंग टेक्नोलॉजी के उपयोग से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, वहीं फूड एक्सपोर्ट और वनौषधि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। छत्तीसगढ़ देश के टॉप-3 स्टील उत्पादक राज्यों में शामिल है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते का सबसे बड़ा असर स्टील सेक्टर में देखने को मिल सकता है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में टैरिफ पेनल्टी कम होने से राज्य के व्यापार और उद्योग जगत को भी राहत मिल सकती है।