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बड़ा खुलासा: जेनेरिक में भी मची लूट.. 72% छूट के बाद दवाएं महंगी, कीमत जान उड़ जाएंगे होश

CG News: जानकर हैरानी होगी कि मेडिकल स्टोर व अस्पताल संचालक फार्मास्यूटिकल कंपनियों से अपनी मर्जी से कीमत प्रिंट करवा रहे। पत्रिका ने इस पर बड़ा खुलासा किया है..

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CG News, cg hindi news

जेनेरिक में छूट के बाद दवाएं महंगी ( Photo - Patrika )

पीलूराम साहू. प्रदेश में चल रहे धन्वंतरी मेडिकल स्टोर में दवाइयों पर 72 फीसदी छूट देने के बावजूद लोगों को यह महंगी पड़ रही है। ( CG News ) गैस की दवा पेंटाप्राजोज 57, दर्द की डायक्लोफेनेक 56 तो एंटी एलर्जिक मोंटेलुकास्ट टैबलेट 70 रुपए में मिल रही है। यही दवाइयां रेडक्रॉस मेडिकल स्टोर में 15, 20 व 25 रुपए में मिल रही है। गौर करने वाली बात ये है कि जेनेरिक दवाओं में मनमाने ढंग से एमआरपी प्रिंट करवाए जा रहे हैं, जिससे स्टोर संचालक को ज्यादा से ज्यादा मुनाफा हो।

मर्जी से कीमत करवा रहे प्रिंट

देश में ये बात साबित हो चुकी है कि मेडिकल स्टोर व अस्पताल संचालक ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए फार्मास्यूटिकल कंपनियों को अपनी मर्जी से कीमत प्रिंट करवा रहे हैं। इसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। वे सस्ती दवाइयों की आस में धन्वंतरी मेडिकल स्टोर तो जाते हैं तो ठगे जा रहे हैं। एमआरपी भी अच्छा खासा रहता है, लेकिन 72 फीसदी छूट के बाद उन्हें खास सस्ती नहीं पड़ रही है।

पत्रिका रिपोर्टर ने आंबेडकर अस्पताल व आयुर्वेदिक अस्पताल के सामने धन्वंतरी स्टोर में विभिन्न दवाइयों को खरीदा तो पता चला कि इनमें बिक रही जेनेरिक दवाइयां की कीमत रेडक्रॉस मेडिकल स्टोर में बिक रही दवाइयों से दो से तीन गुनी महंगी है। पत्रिका के पास खरीदी गई दवाइयों के बिल भी है।

रेडक्रॉस : नो प्रॉफिट नो लॉस पर बिक्री

स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित रेडक्राॅस सोसाइटी के स्टोर में दवाओं में एमआरपी में 90 फीसदी तक छूट दी जा रही है। वहीं धन्वंतरी मेडिकल स्टोर में 62 व 72 फीसदी की छूट दी जा रही है। रेडक्राॅस का संचालन सीएमएचओ कार्यालय कर रहा है। वहीं धन्वंतरी स्टोर टेंडर पर चहेतों को दिया गया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने चार साल पहले इसकी शुरुआत की थी। सभी मेडिकल स्टोर मेन रोड पर है इसलिए अच्छी खासी भीड़ देखी जा सकती है। इसमें कोई दो राय नहीं कि लोगों को सस्ती दवा मिल रही है। हालांकि कई जरूरी दवा स्टोर से गायब रहती है। ऐसे में स्टाफ का कहना होता है कि ये ब्रांडेड दवाएं है इसलिए नहीं मिलेंगी। हकीकत ये है कि जिन दवाओं व सिरप में कम कमाई है, उन्हें धन्वंतरी में बेची नहीं जा रही है।

… इसलिए ऊंची कीमत पर बिक्री

राजधानी में कुछ मेडिकल स्टोर संचालक जेनेरिक व ब्रांडेड दवा एक ही दुकान में बेच रहे हैं। कौनसी दवा ब्रांडेड है और कौन सी जेनेरिक, ये आम जनता के समझ से बाहर है। पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी दोनों दवाओं के अंतर को आसानी से समझ नहीं पाता। पत्रिका रिपोर्टर ने जब बिल को बारीकी से देखा, तब इसका अंतर समझ आया। तब मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया ये दवा जेनेरिक है और 72 फीसदी छूट है। अमुक दवा ब्रांडेड है, जिसमें 10 फीसदी छूट दी गई है। सवाल करने पर ही दोनों दवाओं में अंतर का पता चला। सामान्यत: यह मान लिया जाता है कि जिस दवा पर ज्यादा छूट मिल रही है, वह जेनेरिक है।

बड़ी कंपनियां भी बना रहीं जेनेरिक दवाएं

देश की बड़ी व नामी फार्मास्यूटिकल कंपनियां भी जेनेरिक दवाएं बना रही हैं। इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी क्वालिटी पर शक करना बेकार है। कंटेंट ब्रांडेड दवाइयाें जैसी ही रहती है। हालांकि कुछ डॉक्टर ब्रांडेड व जेनेरिक दवाओं की समान क्वाॅलिटी से इत्तिफाक नहीं रखते। उनका दावा है कि ब्रांडेड व जेनेरिक दवा का मटेरियल अलग-अलग होता है। हालांकि ज्यादातर डॉक्टर इसे गलत बताते हैं। हाल में देश में हुई एक स्टडी में इस बात की पुष्टि हुई है कि ब्रांडेड व जेनेरिक दवा समान असर करती है।

दवाओं की कीमत में ऐसा अंतर

दवा - रेडक्रास - धनवंतरी

सिट्राजिन -5 - 30 से 35
मेटफार्मिन - 40 - 60
बी. कांप्लेक्स - 07 - 42

मल्टी विटामिन -15 - 80 से 90

डायक्लोफेनेक - 15 - 56 से 60
मोंटेलुकास्ट - 35 - 70
पेंटाप्राजोल - 15 - 57

स्किन मलहम - 25 - 49
एमाक्सिसिलिन - 35 से 40 - 78

ग्लिमीहेल्प - 35 - 43

टॉपिक एक्सपर्ट

सीनियर फार्माकोलॉजिस्ट व रिटायर्ड डीन एम्स, डॉ. एसपी धनेरिया ने बताया कि जेनेरिक व ब्रांडेड दवाएं समान असर करती हैं। हालांकि कई डॉक्टर मरीजों को भ्रम में डालते हैं कि जेनेरिक असर नहीं करतीं। दोनों दवाओं में समान कंटेंट होते हैं इसलिए उनकी क्वाॅलिटी पर संदेह करना सही नहीं है। जेनेरिक दवाएं प्रचार-प्रसार व विज्ञापन पर खर्च नहीं करतीं इसलिए सस्ती होती है।

सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि रेडक्राॅस मेडिकल स्टोर नो प्राफिट नो लॉस की पॉलिसी पर चल रही है। कई बार दवाइयाें की कीमत बढ़ने के बाद भी मरीजों को पहले की तरह कम कीमत पर बेची जा रही है। धनवंतरी मेडिकल स्टोर में अगर ऊंची कीमत पर दवा बेची जा रही है, तो इसका पता लगाया जाएगा।


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