
धान उठाव में लापरवाही या मिलीभगत? परिवहन में 200% ओवरलोडिंग उजागर, 13 मिलर-समिति प्रबंधन को नोटिस जारी(photo-patrika)
CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ के धान खरीदी और उठाव कार्य के दौरान ओवरलोड वाहनों के उपयोग का मामला सामने आने के बाद खाद्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के कुछ राइस मिलरों द्वारा उपार्जन केंद्रों से 200 प्रतिशत से अधिक ओवरलोड वाहनों से धान का परिवहन किए जाने की पुष्टि हुई है। इस गड़बड़ी का खुलासा सतर्क ऐप के माध्यम से जारी अलर्ट के बाद हुआ, जिसकी विभागीय जांच जारी है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ओवरलोड वाहनों का उपयोग छत्तीसगढ़ धान उपार्जन नीति का सीधा उल्लंघन है। इससे न केवल शासन के नियमों की अवहेलना होती है, बल्कि सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ता है।
जांच के बाद विभाग ने मेसर्स जय शंकर इंडस्ट्रीज, किशन एग्रो इंडस्ट्रीज, मां गायत्री इंडस्ट्रीज, ग्रीन एग्री कॉर्पो प्राइवेट लिमिटेड, छापरियां एग्रो इंडस्ट्रीज और गुरुनानक राइस मिल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
केवल मिलर ही नहीं, बल्कि जिन उपार्जन केंद्रों से ओवरलोड वाहनों को अनुमति दी गई, उनके समिति प्रबंधक और अध्यक्षों पर भी कार्रवाई की गई है। उपार्जन केंद्र टंडवा, नरदाह, पटेवा, भैंसा, कोसरंगी, सिवनी और बिलाड़ी के समिति प्रबंधक/अध्यक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
अपर कलेक्टर कीर्तिमान राठौर ने बताया कि धान खरीदी और उठाव कार्य की ऑनलाइन मॉनिटरिंग सतर्क ऐप के जरिए की जा रही है। किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित राइस मिलरों और समिति प्रबंधन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की यह सख्ती धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
Published on:
15 Jan 2026 01:42 pm
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