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बूढ़ी माई के आशीर्वाद से सुरों की उड़ान, इंडियाज टैलेंट फाइट के ग्रैंड फिनाले में पहुंचे एन. राघवेंद्र… CG का नाम किया रोशन

TV Reality Show: छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और साहित्य की राजधानी के रूप में विख्यात एवं मशहूर रायगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है।

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इंडियाज टैलेंट फाइट के ग्रैंड फिनाले में पहुंचे एन. राघवेंद्र (फोटो सोर्स- पत्रिका)

इंडियाज टैलेंट फाइट के ग्रैंड फिनाले में पहुंचे एन. राघवेंद्र (फोटो सोर्स- पत्रिका)

TV Reality Show: छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और साहित्य की राजधानी के रूप में विख्यात एवं मशहूर रायगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है। संगीत और कला के क्षेत्र में जिले की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रायगढ़ में पदस्थ केंद्र सरकार के शासकीय विभाग में कार्यरत नीतीश उर्फ एन.राघवेंद्र ने देश के प्रतिष्ठित टीवी रियलिटी शो ‘इंडियाज टैलेंट फाइट’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमी फाइनल राउंड से सीधे ग्रैंड फिनाले में प्रवेश कर लिया है। उनके इस उपलब्धि से न केवल रायगढ़, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन होने जा रहा है।

बूढ़ी माई के आशीर्वाद से सुरों की उड़ान

एन.राघवेंद्र ने मंच पर अपनी प्रस्तुति की शुरुआत रायगढ़ के प्रमुख धार्मिक एवं जन आस्था केंद्र बूढ़ी माई मंदिर तथा कोसमनारा के सत्यनारायण बाबा का स्मरण करते हुए की। उनकी भावपूर्ण और मधुर गायकी ने जजों के साथ-साथ दर्शकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य जज प्रसिद्ध संगीतकार अनु मलिक हैं, जिनकी सराहना कलाकारों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

जानें कौन हैं एन. राघवेंद्र

एन. राघवेंद्र, जिनका वास्तविक नाम नीतीश कुंडे है, सोशल मीडिया पर इसी नाम से व्यापक रूप से चर्चित हैं। वर्तमान में रेलवे विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शहडोल से रायगढ़ स्थानांतरण के बाद से वे रायगढ़ में निवासरत हैं और यहां की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक ऊर्जा को अपनी साधना का आधार मानते हैं। उन्होंने बताया कि रायगढ़वासियों का स्नेह, आशीर्वाद और प्रोत्साहन ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी से अपने लिए आशीर्वाद बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उनके कार्यक्रम के वीडियो शीघ्र ही टीवी चैनल एवं ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ की धरती पहले से ही संगीत साधकों और कलाकारों की जन्मभूमि रही है। संगीत कला के क्षेत्र में एक बार फिर रायगढ़ को राष्ट्रीय कला मानचित्र पर गौरवान्वित स्थान मिलने जा रहा है।

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