27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Magh Mela:माघ मेले में डिजिटल पहल, मुख्यमंत्री ने मेला सेवा ऐप क्यूआर कोड का किया अनावरण

Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेले में मुख्यमंत्री द्वारा मेला सेवा ऐप के क्यूआर कोड का अनावरण किया गया। 15,500 विद्युत खंभों पर लगे क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालु अब अपनी लोकेशन साझा कर शिकायत दर्ज कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस नवाचार के लिए विद्युत विभाग की सराहना की।

3 min read
Google source verification
माघ मेले में डिजिटल क्रांति: मुख्यमंत्री ने किया मेला सेवा ऐप क्यूआर कोड का अनावरण, विद्युत विभाग की सराहना (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

माघ मेले में डिजिटल क्रांति: मुख्यमंत्री ने किया मेला सेवा ऐप क्यूआर कोड का अनावरण, विद्युत विभाग की सराहना (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Mela Seva App: माघ मेले में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षा और त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेला प्रशासन ने एक अभिनव डिजिटल पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री द्वारा इस व्यवस्था का विधिवत अनावरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से श्रद्धालुओं की सेवा करना ही आज के समय की आवश्यकता है। यह व्यवस्था माघ मेले को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाएगी।

15,500 विद्युत खंभों पर लगे क्यूआर कोड

मेला प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में लगाए गए 15,500 विद्युत खंभों पर विशेष क्यूआर कोड चस्पा किए गए हैं। इन क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालु सीधे ‘मेला सेवा ऐप’ से जुड़ सकेंगे। जैसे ही श्रद्धालु क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, उनके मोबाइल फोन पर एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा, जिसमें नाम, मोबाइल नंबर और सुरक्षा कोड भरकर वे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे या आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

फोन कॉल की समस्या से मिलेगी राहत

मेला अवधि के दौरान लाउडस्पीकरों, भीड़ और शोर-शराबे के कारण फोन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराना अक्सर कठिन हो जाता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए यह डिजिटल व्यवस्था विकसित की गई है। क्यूआर कोड के माध्यम से दर्ज की गई शिकायतें सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेंगी, जिससे उनका त्वरित निस्तारण संभव हो सकेगा।

सटीक लोकेशन साझा करने की सुविधा

इस डिजिटल पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि श्रद्धालु क्यूआर कोड के माध्यम से अपनी सटीक लोकेशन प्रशासन के साथ साझा कर सकेंगे। प्रत्येक विद्युत खंभे पर संबंधित सड़क का नाम, सेक्टर का नाम और गूगल कोड (जी-कोड) अंकित किया गया है। इससे श्रद्धालुओं को हर समय यह जानकारी रहेगी कि वे मेला क्षेत्र के किस हिस्से में मौजूद हैं।

हर 25 मीटर पर सुविधा केंद्रों की जानकारी

मेला क्षेत्र में हर 25 मीटर के अंतराल पर विद्युत खंभे लगाए गए हैं। इन खंभों के क्यूआर कोड को स्कैन करने पर श्रद्धालुओं को नजदीकी अस्पताल, पुलिस चौकी, स्नान घाट, पार्किंग स्थल, जन-आश्रय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इससे आपात स्थिति में समय की बचत होगी और श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सकेगी।

डिजिटल नक्शा और गूगल मैप की सुविधा

क्यूआर कोड स्कैन करते ही श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र का एक विस्तृत डिजिटल नक्शा भी उपलब्ध होगा। यदि कोई परिचित या परिजन मेला क्षेत्र में बिछड़ जाता है, तो नजदीकी विद्युत खंभे पर अंकित गूगल कोड के माध्यम से उसकी लोकेशन को गूगल मैप पर आसानी से खोजा जा सकेगा। इसके अलावा, पार्किंग के समय यदि श्रद्धालु संबंधित विद्युत खंभे का जी-कोड नोट कर लेते हैं, तो लौटते समय अपने वाहन तक पहुंचना भी बेहद आसान हो जाएगा।

यूनिक नंबरिंग से कंट्रोल रूम को मिलेगी मदद

मेला प्रशासन ने बताया कि सभी विद्युत खंभों की यूनिक नंबरिंग की गई है। इससे श्रद्धालु केवल खंभे का नंबर बताकर ही कंट्रोल रूम को अपनी स्थिति की जानकारी दे सकेंगे। कंट्रोल रूम तुरंत उस लोकेशन को ट्रेस कर आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सकेगा।

1920 हेल्पलाइन को किया गया और मजबूत

डिजिटल व्यवस्था के साथ-साथ मेला प्रशासन ने मेला हेल्पलाइन नंबर 1920 को भी और अधिक व्यापक रूप में पुनः संचालित किया है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से श्रद्धालु किसी भी समस्या, आपात स्थिति या शिकायत को सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने की विद्युत विभाग की सराहना

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विद्युत विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने बड़े आयोजन में बिजली व्यवस्था के साथ-साथ डिजिटल सुविधा को जोड़ना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि विद्युत खंभों का इस तरह उपयोग करना नवाचार का बेहतरीन उदाहरण है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि

मेला प्रशासन का कहना है कि इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और समय पर सहायता सुनिश्चित करना है। करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था प्रशासन और श्रद्धालुओं के बीच एक मजबूत डिजिटल सेतु का कार्य करेगी।

माघ मेले को बनाएगा और अधिक सुव्यवस्थित

प्रशासन का मानना है कि यह डिजिटल प्रणाली माघ मेले को न केवल अधिक सुरक्षित बनाएगी, बल्कि व्यवस्था संचालन में भी पारदर्शिता और तेजी लाएगी। तकनीक के सहारे श्रद्धालुओं की समस्याओं का समाधान अब पहले से कहीं अधिक आसान और प्रभावी होगा।

बड़ी खबरें

View All

प्रयागराज

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग

Magh Mela 2026