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प्रतापगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: महाराष्ट्र से 53 बंधक आदिवासी मजदूर छुड़ाए, दलालों पर मामला दर्ज

प्रतापगढ़ पुलिस ने महाराष्ट्र के शोलापुर में गन्ने के खेतों में बंधक बनाए गए 53 आदिवासी मजदूरों को छुड़ाया। दलालों ने नौकरी का लालच देकर मजदूरों को ले जाकर दो महीने तक बिना मजदूरी काम कराया।

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Rajasthan pratapgarh police

53 बंधक मजदूर छुड़ाए (फोटो-एक्स)

Pratapgarh News: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने महाराष्ट्र के शोलापुर जिले में गन्ने के खेतों में बंधक बनाकर रखे गए 53 आदिवासी मजदूरों को बचाया है। बंधक में 13 महिलाएं और 40 पुरुष शामिल हैं।

बता दें कि ये मजदूर प्रतापगढ़ के घंटाली, पिपलखूंट और पारसोला इलाकों के गांवों से हैं। अक्टूबर महीने में दलालों ने उन्हें अच्छी नौकरी का लालच दिया। रोज 500 रुपए मजदूरी, मुफ्त खाना और रहने की जगह का वादा करके उन्हें पहले इंदौर और फिर महाराष्ट्र ले जाया गया।

बंधक मजदूरों का दलाल महाराष्ट्र का सीताराम पाटिल है। राजस्थान के अलवर का एक व्यक्ति खान और एक स्थानीय एजेंट शामिल है। इन लोगों ने जमींदारों से मजदूरी के नाम पर लाखों रुपए एडवांस लिए, लेकिन मजदूरों को कुछ नहीं दिया।

मजदूरी मांगने पर की पिटाई

महाराष्ट्र पहुंचकर मजदूरों को अलग-अलग जमींदारों के खेतों में भेज दिया गया। वहां उन्हें जबरन काम करवाया गया। मजदूरी मांगने पर पिटाई की गई, उन्हें घरों या बाड़ों में बंद रखा गया। महिलाओं के साथ भी बुरा व्यवहार किया गया। पूरे दो महीने तक उन्हें एक पैसा नहीं मिला। कुछ मजदूर तो भाग निकले, लेकिन 53 लोग फंस गए।

53 मजदूरों को करवाया आजाद

मजदूरों ने फोन करके अपने परिवार को अपनी हालत बताई। परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने तुरंत कार्रवाई की। सब-इंस्पेक्टर सोहनलाल की अगुवाई में एक टीम परिवार वालों के साथ महाराष्ट्र भेजी गई। वहां की पुलिस की मदद से सभी 53 मजदूरों को अलग-अलग जगहों से आजाद कराया गया।

मजदूरों को किराया के साथ खाना दिया

बचाए गए मजदूरों के पास खाने-पीने या घर लौटने के पैसे नहीं थे। पुलिस ने स्थानीय लोगों और जन प्रतिनिधियों की मदद से बस और खाने का इंतजाम किया। सभी को सुरक्षित प्रतापगढ़ वापस लाया गया। पुलिस ने दलालों और जमींदारों के खिलाफ मानव तस्करी और बंधक बनाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है। जांच जारी है और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।