4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक फल की मौत… पूरी विरासत की कब्र! “करमन की बिही” अमरूद का अंत क्यों? जानें अनसुनी दर्द भरी कहानी

Kerman village guava decline: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले का करमन गांव कभी अमरूद की पैदावार और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन बदलती परिस्थितियों और सरकारी उपेक्षा के कारण अब यह विरासत मिटने की कगार पर है।

3 min read
Google source verification
उजड़ते करमन के बगीचे (फोटो सोर्स- पत्रिका)

उजड़ते करमन के बगीचे (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अमरूद की खेती को लेकर किसानों में चिंता बढ़ रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कई गांवों में इसका अस्तित्व खतरे में है। जी हां, छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में, नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत, हाफ नदी के किनारे बसा एक छोटा-सा गांव है करमन। यह गांव कभी अमरूद की खेती के लिए इतना मशहूर था कि बाजार में "करमन की बिही" सुनते ही लोग उसे हाथों-हाथ खरीद लेते थे। लेकिन आज यह विरासत धीरे-धीरे मिटती जा रही है।

image

पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।