भारत, Jun 05, 2026

यूरिन का ये पैटर्न है चिंता का संकेत ! (Photo : AI Generated)
क्या आपकी नींद भी हर रात बार-बार पेशाब आने की वजह से टूटती है? क्या आप रात को ठीक से सो नहीं पाते और सुबह उठने पर दिनभर थकान, चिड़चिड़ाहट और सुस्ती महसूस होती है? अगर ऐसा है, तो इसे केवल 'बढ़ती उम्र का तकाजा' या 'ज्यादा पानी पीने का नतीजा' समझकर नजरअंदाज करने की गलती बिल्कुल न करें।
10 वर्ष के अनुभवी डॉ. अमित सोनी (यूरोलॉजिस्ट) ने बताया, मेडिकल साइंस में रात में बार-बार यूरिन आने की इस समस्या को नोक्टुरिया (Nocturia) कहा जाता है। यह कोई साधारण समस्या नहीं है, बल्कि आपके शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती अलार्म हो सकता है। आइए विस्तार से समझते है से नोक्टुरिया कब खतरनाक रूप ले लेता है, और इससे राहत पाने के लिए आपको क्या कदम उठाने चाहिए।
आमतौर पर, जब हम सोते हैं, तो हमारा शरीर ऐसे हार्मोन (जैसे एंटीडाययूरेटिक हार्मोन (ADH) रिलीज करता है, जो रात के समय यूरिन के प्रोडक्शन को धीमा कर देते हैं। इससे इंसान बिना रुके 6 से 8 घंटे की गहरी नींद ले पाता है। लेकिन, नोक्टुरिया से पीड़ित व्यक्ति का यह नेचुरल क्लॉक (Body Clock) बिगड़ जाता है।
सवाल-आमतौर पर लोग बार-बार पेशाब आने का संबंध सिर्फ किडनी या ब्लैडर से जोड़ते हैं। लेकिन रिसर्च कहती है कि इसका कनेक्शन कमजोर दिल (Heart Failure) और स्लीप एपेनिया (Sleep Apnea) से भी है। इसके पीछे का वैज्ञानिक संबंध समझाइए।
डॉक्टर का जवाब-
सवाल-आपके पास आने वाले मरीजों में इस समस्या को लेकर सबसे बड़ा भ्रम या 'मिथक' (Myth) क्या देखने को मिलता है?
डॉक्टर का जवाब- मरीजों में सबसे बड़ा भ्रम यह है कि वे इसे बीमारी नहीं, बल्कि "बढ़ती उम्र का सामान्य असर" या "रात को ज्यादा पानी पीना" मान लेते हैं। लोग सोचते हैं कि उम्र बढ़ने पर रात में 3-4 बार उठना नॉर्मल है और वे इसके साथ समझौता कर लेते हैं। वे यह नहीं समझ पाते कि यह शरीर के भीतर छिपी किसी गंभीर बीमारी जैसे प्रोस्टेट, अनियंत्रित डायबिटीज या कमजोर दिल का शुरुआती अलार्म (रेड फ्लैग) हो सकता है।
सवाल-कई लोग सवाल करते हैं कि दिन में तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन बिस्तर पर लेटते ही बार-बार वॉशरुम क्यों भागना पड़ता है?
सवाल- क्या पुरुषों और महिलाओं में इस बीमारी के होने की दर (Ratio) और इसके कारण अलग-अलग होते हैं?
डॉक्टर का जवाब- हां, पुरुषों और महिलाओं में नोक्टुरिया की दर उम्र के हिसाब से बदलती है। यह समस्या महिलाओं में अधिक देखी जाती है (अक्सर यूटीआई या गर्भावस्था के कारण)। लेकिन 50-60 की उम्र के बाद यह पुरुषों में ज्यादा आम हो जाती है।दोनों में इसके मुख्य कारण भी अलग हैं:
सवाल- अगर किसी युवा (Young Adult) को यह समस्या अचानक शुरू हो जाए, तो सबसे पहले किन बीमारियों की आशंका होती है?
डॉक्टर का जवाब- अगर किसी युवा (20-40 वर्ष) को रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या अचानक शुरू हो जाए, तो सबसे पहले इन तीन बीमारियों की आशंका होती हैं।
सवाल- पुरुषों में प्रोस्टेट (BPH) के बढ़ने पर पेशाब बार-बार क्यों आता है, जबकि यूरिन का फ्लो कमजोर हो जाता है?
डॉक्टर का जवाब - प्रोस्टेट ग्रंथि पुरुषों के मूत्र मार्ग (Urethra) के चारों ओर होती है। जब इसका आकार बढ़ता है (BPH), तो यह इस नली को चारों तरफ से दबा देती है, जिससे रास्ता संकरा हो जाता है। इसी संकरे रास्ते के कारण यूरिन का फ्लो बहुत कमजोर या रुक-रुक कर आता है।नली दबने की वजह से ब्लैडर (मूत्रशय) एक बार में पूरी तरह खाली नहीं हो पाता और उसमें हमेशा कुछ यूरिन बचा रह जाता है। इसके परिणामस्वरूप, ब्लैडर बहुत जल्दी दोबारा भर जाता है और दिमाग को तुरंत सिग्नल भेजता है। यही कारण है कि मरीज को बार-बार पेशाब आने का अहसास होता है।
सवाल-जब कोई मरीज इस शिकायत के साथ आपके पास आता है, तो आप कौन से शुरुआती टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं?
सवाल- क्या कीगल एक्सरसाइज (Kegel Exercises) या पेल्विक फ्लोर थेरेपी वाकई नोक्टुरिया में मददगार साबित होती है, या इसके लिए केवल दवाइयां ही एकमात्र इलाज हैं?
डॉक्टर का जवाब - कीगल एक्सरसाइज (Kegel Exercises) और पेल्विक फ्लोर थेरेपी नोक्टुरिया में बेहद असरदार साबित होती हैं। हर मामले में दवाइयां ही एकमात्र इलाज नहीं हैं। कीगल एक्सरसाइज ब्लैडर (मूत्रशय) को सपोर्ट करने वाली पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं। जब ये मांसपेशियां मजबूत होती हैं, तो ब्लैडर की यूरिन होल्ड करने की क्षमता बढ़ जाती है और अचानक उठने वाला पेशाब का प्रेशर कम होता है। यह खासकर उन महिलाओं और पुरुषों के लिए रामबाण है जिन्हें ओवरएक्टिव ब्लैडर (OAB) या मांसपेशियों की कमजोरी की वजह से नोक्टुरिया होता है। अगर समस्या प्रोस्टेट या डायबिटीज जैसी बड़ी बीमारी के कारण है, तो दवाइयों के साथ कीगल एक्सरसाइज करने से रिकवरी दोगुनी तेजी से होती है।
सवाल- हर रात नींद टूटने का मरीज के मानसिक स्वास्थ्य और दिनभर की कार्यक्षमता पर क्या असर पड़ता है? क्या इससे डिप्रेशन का खतरा भी बढ़ता है?
डॉक्टर का जवाब -
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Published on: 05 Jun 2026 11:16 am

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