
Arvind Gurjar chambal dakait story
Dakait Arvind Gurjar: 10 साल बिहड़ में रहकर मौत का इंतजार डराता था, 18 साल की जेल ने तड़पाकर रख दिया, घुट-घुट कर गुजरा एक-एक दिन...बागी अरविंद गुर्जर का कहना है 'मैं शुक्रगुजार उस IPS अफसर का जिसने मुझे आत्मसमर्पण करने को प्रेरित किया.. और उस एक फैसले ने मेरी जिंदगी बदल दी। मैंने जेल का एक-एक मुश्किल दिन इस इंतजार में गुजारा कि कल परिवार के साथ रहूंगा। और आज मैं अपने परिवार के साथ समाज की मुख्य धारा के बीच रह रहा हूं। मेरे घर की दीवार पर आज दो तस्वीरें हैं या फिर इंटरनेट पर नजर आने वाली मेरी फोटो.. जो गवाही देती हैं कि मैं कभी डकैत रहा हूं, लोग मेरे नाम से डरते थे... लेकिन तब मैं खुद भी पल-पल एक खौफ में जीता था पता नहीं कब किसका शिकार हो जाऊं, कैसे मेरी मौत आ जाए... आज परिवार है... मैं हूं और समाज के बीच पलने वाली सामाजिक खुशियां मेरी जिंदगी का हिस्सा हैं।'
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